Saturday, October 16, 2021

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किसानों की ट्रैक्टर परेड पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र ने वापस ली याचिका

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उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है और केंद्र सरकार से कहा है कि आप प्राधिकार हैं और आपको इससे निपटना है, इस पर आदेश पारित करना अदालत का काम नहीं है। इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के मामले में कोर्ट से हस्तक्षेप के अनुरोध वाली याचिका वापस ले ली।

चीफ जस्टिस ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि हम ट्रैक्टर रैली को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाएंगे, कोर्ट किसी रैली को रोके ये बिल्कुल ठीक नहीं है। ऐसे में दिल्ली पुलिस को ही इस पर फैसला लेना चाहिए। यानी अब ट्रैक्टर रैली पर फैसला लेने की गेंद दिल्ली पुलिस के पाले में पहुंच गई है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने अदालत में वकीलों को सलाह दी कि वो किसानों से अपील करें कि ट्रैक्टर रैली को शांति के साथ निकालें। सुप्रीम कोर्ट ने अंत में सॉलिसिटर जनरल से याचिका वापस लेने को कहा और दिल्ली पुलिस को ही अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बहस की शुरुआत की और कहा कि मामले की सुनवाई 25 जनवरी को करें। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं, ये मामला पुलिस का है। हम इस मामले में कोई आदेश नहीं देंगे। अथॉरिटी के तौर पर आप आदेश जारी करें।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि वे अपनी ट्रैक्टर रैली के साथ गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं और शांति भंग नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि कृपया दिल्ली के नागरिकों को शांति का आश्वासन दें। एक अदालत के रूप में हम अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

भूषण ने कहा कि किसानों ने कहा है कि शांति होगी। चीफ जस्टिस ने ट्रैक्टर रैली को लेकर कहा कि भूषण अपने मुवक्किल से बात करें कि सब कुछ शांतिपूर्ण कैसे होगा? एजी ने कहा कि करनाल में किसानों ने पंडाल तोड़ दिया। कानून व्यस्था को लेकर दिक्कत हुई थी। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इस पर अब कुछ कहना नहीं चाहते।

ट्रैक्टर रैली को लेकर ही किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालकर रहेंगे, हमें कौन रोकेगा। दिल्ली भी किसानों की है और गणतंत्र दिवस भी किसानों का है। राकेश टिकैत बोले कि पुलिस हमें क्यों रोकेगी, हम ट्रैक्टरों पर आ रहे हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।

ट्रैक्टर रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा कि कोई भी रैली या ऐसा विरोध जो गणतंत्र दिवस समारोह में खलल डालने की कोशिश करता है, वह देश को शर्मिंदा करने वाला होगा। इस से दुनिया भर में देश की बदनामी होगी। कानून-व्यवस्था खराब होने की स्थिति बन सकती है। अलग-अलग रिपोर्ट्स का हवाला देकर कहा गया है कि कई किसान गणतंत्र दिवस की परेड में खलल डालने के लिए लाल किले तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

बीते सोमवार को भी अदालत ने इस मामले में कोई फ़ैसला नहीं दिया था। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा था कि दिल्ली में आने का सवाल क़ानून व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस को ही इस बारे में फ़ैसला लेना होगा। दूसरी ओर, किसानों ने साफ कर दिया है कि वे ट्रैक्टर परेड निकालेंगे, क्योंकि प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक हक़ है।

चीफ जस्टिस ने अटार्नी जनरल से कहा था कि क़ानून के मुताबिक़ आपको अपनी ताक़तों का इस्तेमाल करने की पूरी आज़ादी है। उन्होंने कहा था कि हम यह कह चुके हैं कि दिल्ली में आने की इजाजत किसे हो और किसे नहीं और आने वालों की कितनी संख्या हो, ये सब मामले क़ानून व्यवस्था से संबंधित हैं और इन्हें दिल्ली पुलिस को ही देखना चाहिए।

किसानों ने कहा है कि वे दिल्ली की बाहरी रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड निकालेंगे और गणतंत्र दिवस समारोह में किसी भी तरह की रुकावट पैदा नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने कहा है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। किसान संयुक्त मोर्चा की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि परेड में शामिल ट्रैक्टर्स पर भारत का तिरंगा और किसानों की यूनियनों के झंडे लगे होंगे। किसी भी राजनीतिक दल के झंडे लगाने की अनुमति नहीं होगी। परेड में इस आंदोलन में शहीद हुए लोगों के परिवार के सदस्य, सेना में रह चुके अफ़सर और नामी खिलाड़ी भी शामिल होंगे।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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