32.1 C
Delhi
Monday, September 27, 2021

Add News

सवर्ण दबंगों को सत्ता के खुले संरक्षण का नतीजा है बलिया के दुर्जनपुर की घटना: माले जांच रिपोर्ट

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की सात सदस्यीय टीम ने बलिया के दुर्जनपुर में घटनास्थल का दौरा किया और गोलीकांड में मारे गये जयप्रकाश पाल के परिवारीजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने टीम की जांच रिपोर्ट रविवार को जारी की। इसके पहले पार्टी की राज्य स्थायी (स्टैंडिंग) समिति के सदस्य लाल साहब के नेतृत्व में शनिवार को घटनास्थल का दौरा कर जांच टीम ने देर शाम अपनी रिपोर्ट राज्य सचिव को सौंपी।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रेवती हत्याकांड के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार जिम्मेदार है। रिपोर्ट को जारी करते हुए राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा, “घटना में हत्यारे का खुलकर बचाव करने वाले बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह पर मुख्यमंत्री की चुप्पी बहुत कुछ कहती है।” उन्होंने आगे बताया कि “सवर्ण दबंगों को संरक्षण देने की यह योगी सरकार की अघोषित नीति है, जो हाथरस से लेकर बलिया तक की घटनाओं में बेनकाब हुई है। इससे कानून व्यवस्था में सुधार की बातें लफ्फाजी साबित होती हैं। “

माले राज्य सचिव ने घटना में जहां हत्याभियुक्तों को कड़ी सजा सुनिश्चित कर मृतक को न्याय दिलाने की मांग की, वहीं बैरिया के भाजपा विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उक्त विधायक सवर्ण पक्ष की गोलबंदी में जुट गए हैं। इससे इलाके में भय व आशंका व्याप्त है। पीड़ित परिवार की समुचित सुरक्षा करने के साथ विधायक के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बात की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए कि घटना के तुरंत बाद मुख्य अभियुक्त को पुलिस ने पकड़कर फिर किसके दबाव में छोड़ दिया।

माले टीम की जांच रिपोर्ट का विवरण देते हुए राज्य सचिव ने कहा कि सरकारी राशन की दुकान गांव के अनुसूचित जाति के राम कुमार राम के नाम से आवंटित थी, जिसको उक्त भाजपा के स्थानीय विधायक के खासमखास धीरेंद्र सिंह के प्रभाव से पहले निलंबित कराया गया। फिर धीरेंद्र अपने पक्ष के शैलेंद्र धोबी के नाम से आवंटित कराना चाहता था, परंतु शैलेंद्र धोबी के खिलाफ मुन्ना पासवान भी दुकान आवंटन के लिए प्रत्याशी थे। मुन्ना के समर्थन में गांव के तमाम गरीब सहित जयप्रकाश पाल भी थे। यह पूर्व फौजी धीरेंद्र सिंह को कबूल नहीं था। इसीलिए उसने आवंटन से पूर्व रात्रि में गांव की गरीब बस्ती में घूम-घूम कर धमकाया कि दुकान आवंटन में हमारे प्रत्याशी के खिलाफ कोई वोटिंग नहीं करेगा, अन्यथा इसका परिणाम बुरा होगा।

अगले दिन एसडीएम बैरिया तथा सीओ सहित पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आवंटन के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। एसडीएम ने वोट देने के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी लाने को कहा, तो धीरेंद्र सिंह के कई लोगों के पास आईडी नहीं थी, मगर वोट देना चाहते थे। मुन्ना पासवान के समर्थकों ने आपत्ति की। इस पर धीरेंद्र सिंह के समर्थकों की तरफ से जोर-जबरदस्ती और पथराव होने लगा, जो सुनियोजित था। इसी बीच, धीरेंद्र सिंह ने अपने घर से लाइसेंसी रिवाल्वर लाकर गोली चला दी, जिससे जयप्रकाश पाल की मौके पर ही मृत्यु हो गयी। हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर मौजूद एसडीएम तथा सीओ अपने पुलिसकर्मियों के साथ न केवल असहाय व मूकदर्शक बने रहे, बल्कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन लोगों ने अपराधियों के भागने में सहयोग किया।

माले राज्य सचिव ने कहा कि विधायक सुरेंद्र सिंह सहित भाजपा के अन्य नेता निर्लज्जता के साथ हत्या करने वाले अपराधियों को बचाने के लिए आत्मरक्षा में चलायी गई गोली बता रहे हैं और हत्यारे पक्ष के लोगों को घायल होने का झूठा भ्रम फैला रहे हैं। जबकि एकतरफा रूप से दबंगई हत्यारे पक्ष की ओर से हुई है। प्रशासन ने भाजपाइयों के सामने घुटने टेक दिये हैं। यह घटना कोई अचानक नहीं हुई है बल्कि सत्ता, भाजपा और प्रशासन के नापाक गठजोड़ के कारण हुई है। यह मौजूदा शासन में सवर्ण दबंगों के बढ़े मनोबल का परिणाम है। कानून-व्यवस्था में नाकाम योगी सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन का दिखावा कर रही है।

जांच दल में माले राज्य इकाई के नेता लाल साहब के अलावा जिला कमेटी सदस्य कामरेड लक्ष्मण यादव, ग्रामीण व खेत मजदूर सभा के नेता वशिष्ठ राजभर, इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के जिला संयोजक भागवत बिन्द, किसान महासभा के नेता वसंत कुमार उर्फ मुन्नी सिंह, नियाज अहमद, कमला पासवान व वाम दल के कुछ सदस्य शामिल थे। 

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों में गंभीर क़ानूनी कमी:जस्टिस भट

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस रवींद्र भट ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों की बात आती...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.