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सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति का मामला अटका, कॉलेजियम में नहीं बनी सहमति

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की बैठक हुई लेकिन उच्चतम न्यायालय के जज के तौर पर नियुक्ति के मामले में फैसला नहीं हो पाया। ऐसा पिछले दो तीन बैठकों से हो रहा है क्योंकि किसी नाम पर सर्वसम्मति नहीं हो पा रही है। इस समय में पांच जजों का पद खाली है, जबकि कुल स्वीकृत पदों की संख्या 34 है। उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस एसए बोबडे आगामी 24 अप्रैल को अवकाशग्रहण कर रहे हैं, तब खाली पदों की संख्या छह हो जाएगी। दरअसल इस समय देश के 25 उच्च न्यायालयों में जितने भी चीफ जस्टिस हैं, उनमें केवल कर्नाटक के चीफ जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका की हाईकोर्ट जज के रूप में नियुक्ति 29 अगस्त, 2003 यानि प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की है और दो अन्य चीफ जस्टिसों, दिल्ली हाईकोर्ट के डीएन पटेल और त्रिपुरा हाईकोर्ट के अकिल कुरैशी की हाईकोर्ट जज के रूप में नियुक्ति 07 मार्च 2004 की है जब अटल सरकार चलाचली की बेला में थी। इसके बाद के लोग मनमोहन सिंह नीत यूपीए सरकार के दौर के हैं जिनके नाम को लेकर राष्ट्रवादी मोड के कालेजियम सदस्यों और मोदी सरकार में असहजता है। नतीजतन किसी नाम पर अब तक निर्णय नहीं हो सका है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस गोविंद माथुर का 2 सितंबर 2004 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 14 नवंबर दो हजार अट्ठारह को चीफ जस्टिस बने थे। उनका रिटायरमेंट 13 अप्रैल 2021 को हो गया। यह राजस्थान हाईकोर्ट से थे। उनके स्थान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जज जस्टिस संजय यादव को कार्यवाहक चीफ जस्टिस बनाया गया है।

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी की जज के रूप में नियुक्ति 24 जनवरी 2011 को हुई थी। ये 15 अक्तूबर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 10 मार्च, 2023 को है। ये गुवाहाटी हाईकोर्ट के हैं। बांबे हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपंकर दत्ता का 22 जून 2006 को नियुक्ति हुई थी। यह 28 अप्रैल, 2020 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 8 फरवरी 2027 को है। यह कोलकाता हाईकोर्ट के हैं।

कोलकाता हाईकोर्ट के टीवी राधाकृष्णन की नियुक्ति जज के रूप में 14 अक्तूबर, 2004 को हुई थी। यह 18 जनवरी, 2017 को 18 मार्च 2017 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 28 अप्रैल, 2021 को है। यह केरल हाईकोर्ट के हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन की नियुक्ति 5 जनवरी 2009 को हुई थी। यह 6 मई 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 31 मई 2021 को है। यह केरल हाईकोर्ट के हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल 7 मार्च, 2004 को जज बने थे। यह 7 जून, 2019 को चीफ जस्टिस बने। ये 12 मार्च, 2022 को यह रिटायरमेंट लेंगे। यह गुजरात हाईकोर्ट के हैं। गौहाटी हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस सुधांशु धुलिया की एक नवम्बर 2008 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 10 जनवरी 2021 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 9 अगस्त 2022 को है। यह उत्तराखंड हाईकोर्ट के हैं।

गुजरात हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस विक्रम नाथ की 24 सितम्बर, 2004  में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 10 सितम्बर, 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 23 सितम्बर, 2024 को है। यह इलाहाबाद हाईकोर्ट के हैं। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस एल एन स्वामी की 4 जुलाई, 2007  में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 6 अक्तूबर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 30जून 2021 को है। यह कर्नाटक  हाईकोर्ट के हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संयुक्त हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस पंकज मित्तल की 7जुलाई, 2006  में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। वह 4 जनवरी,  2021 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 16 जून, 2023 को है। यह इलाहाबाद हाईकोर्ट के हैं। झारखण्ड हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस डॉ रवि नारायण की 14 जुलाई, 2008  में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 17 नवम्बर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 19 दिसंबर 2022 को है। यह पटना हाईकोर्ट के हैं।

कर्नाटक हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका की 29 अगस्त, 2003  में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 10 मई 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 24 मई, 2022 को है। यह बाम्बे हाईकोर्ट के हैं। केरल हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस एस मणि कुमार की 31जुलाई 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 11 अक्तूबर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 23अप्रैल 2023 को है। यह मद्रास हाईकोर्ट के हैं।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक की 15 मई, 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 13 नवम्बर, 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 24 मई, 2022 को है। यह राजस्थान हाईकोर्ट के हैं। मद्रास हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी की 22 जून, 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 4जानवरी, 2021 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 1 नवम्बर, 2023 को है। यह कलकत्ता हाईकोर्ट के हैं।

मणिपुर हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस पी वी संजयकुमार की 08 अगस्त 2008 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 14 फरवरी, 2021 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 13 अगस्त, 2025 को होगा। यह तेलंगाना हाईकोर्ट के हैं। मेघालय हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस विश्वनाथ सोमद्दर की 22 जून, 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 27 अप्रैल, 2020 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 14 दिसंबर 2025 को है। यह कलकत्ता हाईकोर्ट के हैं।

उड़ीसा हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस डॉ एस मुरलीधर की 29 मई, 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 4 जनवरी, 2021 को चीफ जस्टिस बने थे। उनका रिटायरमेंट 07 अगस्त 2023 को है। यह दिल्ली हाईकोर्ट के हैं।पटना हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस संजय करोल की 08 मार्च 2007 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 14 नवंबर 2018 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 22 अगस्त, 2023 को है। यह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस रविशंकर झा की 18 अक्तूबर 2005 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 06 अक्तूबर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 13 अक्तूबर 2023 को है। यह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस इन्द्रजीत मोहंती की 31 मार्च 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 06 अक्तूबर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 10 नवम्बर 2022 को है। यह उड़ीसा  हाईकोर्ट के हैं।

सिक्किम हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस जीतेन्द्र कुमार माहेश्वरी की 25 नवम्बर, 2005 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 7 अक्तूबर, 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 28 जून 2023 को है। यह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हैं। तेलंगाना हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस कुमारी हीमा कोहली की 29 मई 2006 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 07 जनवरी, 2021 को चीफ जस्टिस बनी थीं। इनका रिटायरमेंट 01 सितम्बर 2021 को है। यह दिल्ली हाईकोर्ट की हैं।

त्रिपुरा हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस अकिल कुरैशी की 07 मार्च 2004 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 16 नवम्बर 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। उनका रिटायरमेंट 06 मार्च 2022 को है। यह गुजरात हाईकोर्ट के हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस राघवेन्द्र सिंह चौहान की 13 जून, 2005 में जज के रूप में नियुक्ति हुई थी। ये 22जून 2019 को चीफ जस्टिस बने थे। इनका रिटायरमेंट 23 दिसंबर 2021 को है। ये राजस्थान हाईकोर्ट के हैं।

उच्चतम न्यायालय कालेजियम की 8 अप्रैल, 20 की इस बैठक में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एएम खानविलकर शामिल हुए। जस्टिस रमना ने अस्वस्थ होने के कारण गुरुवार को कोर्ट की सुनवाई नहीं की थी लेकिन कॉलियिजम की बैठक में शामिल हुए थे। कई नियुक्तिों को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं और जस्टिस रमना 24 अप्रैल को शपथ लेंगे। कॉलेजियम की बैठक में उच्चतम न्यायालय जज के तौर पर त्रिपुरा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकिल कुरैशी, कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सहित अन्य जजों के नाम पर चर्चा हुई थी, लेकिन बैठक बेनतीजा रही।

17 नवंबर 2019 को सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हुए थे। उनके अलावा चार अन्य जजों ने भी अपना कार्यकाल पूरा कर लिया, ऐसे में कुल रिक्त पदों की संख्या पांच है। वहीं जब से सीजेआई बोबडे ने कार्यभार संभाला है, तब से कॉलेजियम ने उच्चतम न्यायालय में किसी भी जज के लिए अनुशंसा नहीं की है।

कॉलेजियम की बैठक पर उच्चतम न्यायालय के दो जजों ने उस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जब राष्ट्रपति ने चीफ जस्टिस के लिए नए नाम का ऐलान कर दिया है, तो जस्टिस बोबडे किसी भी नाम की सिफारिश नहीं कर सकते हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 6 अप्रैल को जस्टिस एनवी रमना को भारत के अगले चीफ जस्टिस यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। वह 24 अप्रैल को पदभार ग्रहण करेंगे और अगले साल यानी 2022 में 26 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस रमना देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। मौजूदा सीजेआई एसए बोबडे ने पिछले महीने उनके नाम की सिफारिश की थी। इसी साल सीजेआई बोबडे के अलावा जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस नरीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा सेवानिवृत्त होंगे।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on April 14, 2021 11:38 am

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