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थर्ड रेट टीवी एंकरों ने पीओके पर कराया फ़र्ज़ी हमला, भारत की कराई फ़ज़ीहत

आज तक, एबीपी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन चैनल ने ऐसे एंकर रखे हुए हैं जो आये दिन अपने चैनलों की भद्द पिटवाते रहते हैं। इसकी ताजा मिसाल आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप, एबीपी की रुबिका लियाकत और न्यूजनेशन चैनल के दीपक चौरसिया हैं।

इन लोगों ने 19 नवम्बर यानी गुरुवार शाम को 7.04 मिनट पर खबर चलाई और इस बारे में ट्वीट किया कि भारतीय सेना ने पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में एक और बड़ी एयर स्ट्राइक की है। अंजना समेत सभी एंकरों ने इसे पीओके में अब तक का सबसे बड़ा आपरेशन बता डाला।

लेकिन इस फर्जी खबर को लेकर जब गुरुवार शाम को सोशल मीडिया सक्रिय हुआ तो उन्हीं अंजना कश्यप ने पूरे 35 मिनट बाद यानी शाम 7.39 बजे इसका खंडन करते हुए कहा कि सेना ने आज पीओके में किसी तरह की सैन्य कार्रवाई का खंडन किया है। खास बात यह है कि अंजना ओम कश्यप ने 35 मिनट पहले आजतक के दर्शकों से जो झूठ बोला था, उस पर न तो माफी मांगी और न ही अपनी खबर ट्वीट को सही मानते हुए उस पर अड़ी रहीं। लेकिन सोशल मीडिया पर जब उन्हें लोग घेरने लगे तो मैडम ने चुपचाप अपनी फर्जी खबर का ट्वीट डिलीट कर दिया लेकिन भारतीय सेना का खंडन नहीं हटाया। सेना का यह खंडन अभी उनके ट्वीट्स में देखा जा सकता है लेकिन उन्होंने पीओके में एयर स्ट्राइक की जो अफवाह फैलाई थी, गायब है।

यही हरकत रुबिका लियाकत ने भी की। उन्होंने भी ठीक उसी समय पीओके पर हमले की अफवाह को अपने चैनल और ट्वीट के जरिये फैलाया। लेकिन आधे घंटे बाद जब सेना ने खंडन जारी किया तो रुबिका ने अफवाह वाली खबर को पीटीआई न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताकर सेना का खंडन तो दिखा दिया लेकिन अपना ट्वीट अंजना की तरह डिलीट कर दिया। रुबिका ने अंजना के मुकाबले बस यही ईमानदारी बरती कि उन्होंने पीटीआई पर सारी जिम्मेदारी डाल दी। हालांकि जब उन्होंने अपने चैनलों पर और ट्वीट पर यह खबर चलाई थी तो उस समय सोर्स के रूप में पीटीआई का हवाला नहीं दिया था।

तमाम एंकरों में फर्जी खबरों के लिए सबसे ज़्यादा बदनाम दीपक चौरसिया इनसे भी चार हाथ आगे निकला। उन्होंने भी यह खबर डंके की चोट पर चलाई और आधे घंटे तक चैनल पर चीखते रहे और कैसे मोदी जी ने पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर मारा है, का चिल्लाते हुए बखान करते रहे, तभी सेना का खंडन आ गया। उन्होंने फौरन अपना प्रोग्राम समेट लिया और बोले कि पीटीआई ने यह खबर दी थी लेकिन अब सेना ने इसका खंडन कर दिया है कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अलबत्ता चौरसिया ने एक ईमानदारी बरती कि उन्होंने अफवाह फैलाने वाली खबर का ट्वीट हटाया नहीं और खंडन के साथ उसे भी लगाये रखा है। इस संवाददाता के पास सभी ट्वीट सुरक्षित हैं। आखिरी खबर लिखे जाने तक चौरसिया ने अपनी फर्जी खबर का ट्वीट हटाया नहीं था।

अंजना, रुबिका और चौरसिया की इस हरकत से भारत की तरह पाकिस्तान के वहां के कथित राष्ट्रभक्त चैनलों को मौका मिल गया और उन्होंने अंजना और बाकी एंकरों की हरकत को प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार से जोड़ दिया। पाकिस्तानी चैनल कई घंटे तक प्रचार करते रहे कि भारत के चैनल किस तरह अफवाह और झूठ फैलाते हैं। उन्होंने यह तक कहा कि ये वही एंकर हैं जो मोदी का इंटरव्यू ले चुके हैं और अंजना तो पीएम मोदी की पसंदीदा एंकर मानी जाती हैं।

बहरहाल, सोशल मीडिया पर रुबिका और दीपक चौरसिया के मुकाबले अंजना ओम कश्यप को लोग जबरदस्त ट्रोल कर रहे हैं। विक्रम नामक एक यूजर ने सीधे सवाल ही पूछ लिया कि आंटी ट्वीट क्यों डिलीट किया। कुछ लोगों ने अंजना से इस हरकत के लिए माफी मांगने तक को कहा। कुछ ने करप्शन तक के आरोप लगा डाले। कुछ ने लिखा कि अब तक तो भगवा दलालों ने अपनी वाट्सऐप यूनिवर्सिटी के जरिये इसे देशभर में फैला दिया होगा। आमतौर पर ट्विटर पर लोगों ने इन पर गोदी मीडिया और दलाल पत्रकार होने का आरोप लगाया है। जनता का कहना है कि ऐसे तो ये एंकर किसी दिन पाकिस्तान पर हमले की झूठी खबर चला देंगे, ताकि भाजपा और केंद्र सरकार को बंगाल चुनाव में फायदा पहुंचाया जा सके।

पाठकों को याद होगा कि आजतक और ज़ी न्यूज़ वही चैनल हैं जिन्होंने दो हज़ार रूपये के नोट में ऐसी चिप लगवा दी थी जिससे ब्लैक मनी पकड़ी जा सके। श्वेता सिंह (आजतक) और सुधीर चौधरी (ज़ी न्यूज) को इसके लिए कुख्याति मिली थी। आजतक चैनल के मालिक अरुण पुरी की छवि आमतौर पर एक साफ़ सुथरे मीडिया टाइकून की बनी हुई है लेकिन फ़िलहाल आजतक उनका नाम तो बदनाम कर ही रहा है।

थर्ड रेट एंकरों से भगवान इस देश को बचाये। कब क्या तीर छोड़ दें, कुछ पता नहीं।

(यूसुफ किरमानी वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं।)

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This post was last modified on November 20, 2020 12:14 pm

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