Subscribe for notification

टीआरपी घोटालाः मुंबई पुलिस ने दाखिल किया 1,400 पृष्ठों का आरोप पत्र

टीआरपी घोटाले में अर्णब गोस्वामी के स्वामित्व के रिपब्लिक टीवी के संलिप्त होने के मामले में मुंबई पुलिस ने जबसे संज्ञान लिया है, तब से केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार में ठन गई है। जहां केंद्र सरकार और भाजपा खुल्लमखुल्ला अर्णब गोस्वामी के बचाव में उतर आई हैं, वहीं महाराष्ट्र की सरकार उन सभी क़ानूनी कार्रवाइयों के लिए पर्याप्त विधिक उपायों में लगी है, जिससे दोषी बच न सकें। मुंबई पुलिस ने कथित टीआरपी घोटाले में मंगलवार को यहां की एक अदालत में 1,400 पृष्ठ का आरोपपत्र दायर किया है। आगे पूरक आरोप पत्र भी दाखिल करने की तैयारी मुंबई पुलिस कर रही है।

इस मामले में अर्नब गोस्वामी के स्वामित्व वाले रिपब्लिक टीवी के वितरण प्रमुख समेत 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अपराध शाखा अब तक इस मामले में रिपब्लिक टीवी के वितरण प्रमुख समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें सात लोग जमानत पर बाहर हैं।

टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (टीआरपी) घोटाले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मजिस्ट्रेट अदालत में सुबह लगभग 10.30 बजे आरोपपत्र दायर किया। 1,400 पृष्ठ के आरोपपत्र में लगभग 140 लोगों के नाम गवाह के रूप में लिए गए हैं, जिनमें ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) के अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, फॉरेंसिक ऑडिटर, विज्ञापनदाता, बैरोमीटर का इस्तेमाल करने वाले लोग तथा अन्य शामिल हैं। अब तक इस मामले में रिपब्लिक टीवी के पश्चिमी क्षेत्र वितरण प्रमुख और दो अन्य चैनलों के मालिकों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विज्ञापनदाताओं के बयान भी आरोपपत्र का हिस्सा हैं, जिनमें उन्होंने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। रिपब्लिक टीवी के खातों सहित चैनलों का फॉरेंसिक ऑडिट भी दस्तावेज का हिस्सा है। एक अधिकारी ने बताया कि बाद में दायर किए जाने वाले पूरक आरोपपत्र में 2,000 पृष्ठ और जोड़े जाएंगे, जिसमें फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों सहित आरोपी लोगों के जब्त फोन, लैपटॉप और कंप्यूटरों से निकाले गए चैट लॉग्स, ई-मेल, संदेश और अन्य डेटा शामिल होगा।

टीआरपी घोटाला पिछले महीने तब सामने आया था जब रेटिंग एजेंसी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) ने ‘हंसा रिसर्च ग्रुप’ के जरिए यह शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी के आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं। ‘व्यूअरशिप डेटा’ (कितने दर्शक कौन सा चैनल देख रहे हैं और कितने समय तक देख रहे हैं) दर्ज करने के लिए मापक यंत्र लगाने की जिम्मेदारी ‘हंसा’ को दी गई थी। टीआरपी काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस पर चैनलों का विज्ञापन राजस्व निर्भर करता है।

मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह ने पिछले महीने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी और दो मराठी चैनल-बॉक्स सिनेमा तथा फक्त मराठी टीआरपी के आंकड़ों में छेड़छाड़ कर रहे हैं। रिपब्लिक टीवी और अन्य ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। पूर्व में रिपब्लिक टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और दो मुख्य संचालन अधिकारियों तथा मुख्य वित्तीय अधिकारी को पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था।

इस बीच, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम रिपब्लिक टीवी की मुख्य संचालन अधिकारी प्रियंका मुखर्जी को पकड़ने के लिए बेंगलुरु में है, जिन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। याचिका पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी और वरिष्ठ कार्यकारी संपादक अभिषेक कपूर के बयान भी दर्ज किए थे।

महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने राज्य में मामलों की जांच की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को प्रदत्त आम सहमति वापस ले ली थी। राज्य सरकार ने यह कदम कथित टीआरपी फंडिंग को लेकर अज्ञात  चैनलों और लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई के पास जाने के मद्देनजर उठाया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में मुंबई पुलिस की जांच से संबंधित कथित टीआरपी घोटाला मामले में धनशोधन संबंधी शिकायत दायर की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धनशोधन रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत प्रवर्तन सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की है जो पुलिस प्राथमिकी के बराबर है। ईडी ने मुंबई पुलिस द्वारा अक्तूबर में दर्ज की गई प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद शिकायत दायर की।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on November 25, 2020 4:46 pm

Share