छत्तीसगढ़ के कांकेर में सोशल मीडिया पर सीएम को गाली भरी पोस्ट करने वाले दो युवक गिरफ्तार कर जेल भेजे गए

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर शहर में दो युवकों को सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सोशल मीडिया पर गाली देना महँगा पड़ गया है। पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। मुक़दमा आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है और दर्ज कराने वाले युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं।

जब रिपब्लिक टीवी के हेड अर्णव गोस्वामी स्टूडियो में चिल्ला-चिल्ला कर हिन्दू मुसलमान कर रहे थे। उसी समय सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाले इन दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा था। 

5 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दीये जलाने की अपील की थी। इस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटर पर एक पोस्ट कर अपना पक्ष रखा था। सीएम की उसी पोस्ट का स्क्रीनशॉट फेसबुक में पोस्ट कर मोहित नामक युवक ने उनके खिलाफ कुछ आपत्ति जनक बातें लिख दी थीं। और इसी पर अपना कमेंट करते हुए करण यादव नाम के दूसरे युवक ने भी सीएम के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था।

करण यादव के पिता ने इन पंक्तियों के लेखक को बताया कि “मेरा छोटा सा होटल का व्यवसाय है और उसी से घर का खर्चा चलता है। मेरे पांच बेटे हैं। कभी ऐसी शिकायत नहीं आयी। मेरा बेटा पढ़ाई छोड़ दिया है और होटल के काम में हाथ बंटाता है। मैं तो मोबाइल भी नहीं चला पाता। मेरे बेटे ने ऐसा क्यों किया? ज़रूर उसे कोई भड़काया होगा !”

दूसरे युवक मोहित साहू का भी पारिवारिक व्यवसाय होटल से ही जुड़ा है। 23 साल का मोहित साहू भी पढ़ाई छोड़ कर अब अपने घर के कामों में हाथ बंटाता है। उसके पिता भी हैरान हैं कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा कैसे लिख दिया।

दोनो युवकों के परिवार वालों ने इस संवाददाता को बताया कि कोविड 19 महामारी के चलते अभी लॉकडाउन है। धंधा पूरी तरह चौपट है। यह घटना उनके पूरे परिवार में दुःखों का पहाड़ बन कर गिरी है। अखबारों और टीवी चैनलों में उनके बच्चों की फोटो दिखायी जा रही है। वो सवालिया अंदाज में पूछते हैं कि पता नहीं ये नफरत हमारे बच्चों में किसने भरी। असल में सजा के हकदार तो वो हैं न कि बच्चे। 

सवाल यह है कि पिछड़े समुदाय से आने वाले इन युवकों के मन में इतनी नफरत क्या भड़काने और घृणा फैलाने वाली खबरों के लिए मशहूर रिपब्लिक टीवी के अर्णव जैसे पत्रकारों ने भरी है। आलम यह है कि सोशल मीडिया पर यह तबका जिसको न उसको गाली लिख रहा है। बहरहाल कांग्रेस के युवा नेताओं की शिकायत पर कांकेर थाने में युवकों मोहित साहू और करण यादव के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया और फिर वहाँ से जेल भेज दिया गया। 

छत्तीसगढ़ में इन दिनों अफवाह आधारित खबरों से लोगों को गुमराह करने और भ्रम फैलाने वालों की शामत आई हुई है। महाराष्ट्र में एबीवीपी के एक संवाददाता की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा से जुड़ी विश्व नंदिनी पांडेय और फेसबुक पर निशा जिंदल बनकर सांप्रदायिक पोस्ट लिखने वाले रवि पुजारी के खिलाफ अपराध पंजीकृत किया गया है। इधर कोरोना काल में एक पोर्टल और एक अन्य टीवी चैनल के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।

कांकेर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने अपील किया है कि इस तरह की लापरवाही भरी पोस्ट व आपत्तिजनक टिप्पणी करने से बचें अन्यथा तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन देश में कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक टीवी चैनलों का नफरती वायरस घूम रहा है जिसकी ज़द में देश के दलित, पिछड़े युवा बहुत तेज़ी से आए हैं। 

(कांकेर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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