Friday, December 3, 2021

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किसानों के ‘भारत बंद’ के समानांतर दिल्ली में ‘आप’ और पश्चिम बंगाल में भाजपा के धरने के मायने

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13 दिनों से दिल्ली सीमा पर डेरा डाले किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया था। और तमाम राजनीतिक दलों, संगठनों और कर्मचारी, मजदूर, छात्र, महिला, व्यापारी संगठनों ने भी भारत बंद का सक्रिय समर्थन किया था।

लेकिन इस भारत बंद के समानांतर देश में अचानक ही दो धरने और प्लांट कर दिये गये। ये दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा किया गया।

दिल्ली में जहां बिना किसी ऐलान के अचानक ही प्रेस कान्फ्रेंस और धरना शुरू किया गया वहीं पश्चिम बंगाल में आज 12 घंटे के बंद के लिए भाजपा द्वारा कल किया गया था। 

इस तरह भारत बंद के खिलाफ आम आदमी पार्टी और भाजपा एक ही पाले में खड़ी नज़र आती हैं।

मनीष सिसोदिया की बचकाना दलील और धरना

आज के भारत बंद में किसी तरीके की हिंसा न हो इसके लिए गृहमंत्रालय ने बाकायदा एडवायजरी भी जारी किया था और 100 से अधिक पैरामिलिट्री की टुकड़ियों को दिल्ली के तमाम इलाकों में तैनात किया गया था। जाहिर है आज का दिन बाकी दिनों जैसा नहीं होना था।

लेकिन दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया तर्क देते हैं कि- “मुख्यमंत्री केजरीवाल रोजाना लोगों से मिलते रहे हैं, लेकिन आज लोगों को मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यानि उन्हें हाउस अरेस्ट में रखा गया है।” कितना मासूम तर्क है मनीष सिसोदिया का कि कल ये सब हो रहा था तो आज क्यों नहीं।

आप पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आनन फानन में प्रेस कान्फ्रेंस भी कर डाला। प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि “जब से केजरीवाल सिंघु बॉर्डर से किसानों से मिलकर लौटे हैं तब से उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के घर के चारों तरफ बैरीकेड लगा दिया है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद उनको नजरबंद वाली स्थिति में रखा गया है।”

वहीं दिल्ली पुलिस नॉर्थ जोन के डीसीपी एंटो अल्फोंस लाख सफाई देते रहे कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के बाहर जो तैनाती देखी जा रही है वह माननीय सीएम की सुरक्षा के लिए नियमित तैनाती है। हम सीएम के आवास के साथ समन्वय कर रहे हैं। जिस किसी को भी वे कहते हैं कि वे अंदर जाने देना चाहते हैं, हम अनुमति देंगे।”  

दिल्ली पुलिस नॉर्थ जोन के डीसीपी ने बयान देकर स्पष्ट किया है कि –“मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। आम आदमी पार्टी और उनके नेताओं द्वारा लगाया जा रहा ये आरोप बेबुनियाद और झूठा है। मुख्यमंत्री केजरीवाल कहीं भी आने जाने के लिए स्वतंत्र हैं।”

ताज्जुब की बात ये कि इस बाबत खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहीं कोई बयान नहीं आया, न ही कोई ट्वीट आया। मोटे तौर पर अगर मान लें कि उनको हाउस अरेस्ट पर रखा गया है तो क्या उनका मोबाइल भी छीन लिया गया या कि उनके मोबाइल का नेटवर्क, इंटरनेट गायब कर दिया गया।

तो मामला साफ है। किसान आंदोलन और भारत बंद से देश की अवाम का फोकस डायवर्ट करने के लिए शाह और केजरीवाल ने मिलकर ये खेल रचाया। और आज सारा दिन ये तमाशा चलता रहा। क्या मीडिया किसान आंदोलन और भारत बंद को छोड़ इसी तमाशे को कवर करने में व्यस्त रहा।

अगर ये तमाशा फिक्स न होता तो खुद गृहमंत्री अमित शाह या मुख्यमंत्री केजरीवाल में से किसी एक को सामने आकर खुद ही इस तमाशे का पटाक्षेप कर देना था।

किसानों के हिस्से का मीडिया फुटेज, और पब्लिक फोकस गायब करने के लिए ये नूराकुश्ती प्रायोजित की गई थी। 

किसान आंदोलन के समानांतर पश्चिम बंगाल बंद का भाजपा का आह्वान

जैसे जैसे पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं भाजपा और आरएसएस द्वारा पश्चिम बंगाल में माहौल बनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में कल 7 दिसंबर को राज्य सचिवालय की शाखा ‘उत्तरकन्या’ की ओर रैली निकालने का प्रयास कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं की सिलीगुड़ी में दो स्थानों पर पुलिस के साथ भिड़ंत हुई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता उलेन रॉय की मौत हो गई। इसके विरोध में बीजेपी ने किसानों के भारत बंद के समानांतर 8 दिसंबर को उत्तर बंगाल में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। 

वहीं आज एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि – “भगवा पार्टी अपनी रैलियों में लोगों को मार रही है।”

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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