‘ये जो तेरी हिम्मत है न….उसी की कीमत 100 करोड़ है’

Estimated read time 1 min read

रवीश कुमार

दोस्तों, लघु प्रेम कथा यानी लप्रेक का यह नया अंक हाज़िर है। थोड़ा लंबा है।

तो हाज़िर है…लव इन टाइम ऑफ 16000 परसेंट टर्नओवर और मानहानि सौ करोड़ की….राजू और रश्मि दो प्रेमी हैं जो सैनिक फार्म की छत पर रात के वक्त चांद को देखते हुए संवाद कर रहे हैं। लप्रेक को साहित्य का नोबेल मिलेगा। इंतज़ार कीजिए।

चांद भी न, मुझे घोटाला लगता है। लगता है ये रात का साहब है।

धीरे कहो, राजू, मानहानि का मुकदमा हो जाएगा।

क्यों चांद को घोटाला कहना मना है…रात को कौन सुनता है रश्मि

ये दिल्ली है राजू, जहां फोन टैप होता है, वहां रात भी टैप होती है।

रात कैसे टैप हो सकती है….रश्मि तुम और डरा देती हो..

मैंने सुना है राजू, चांद पर एक टेप रिकार्डर है, एक कैमरा है….

रश्मि…हम एनिमल फार्म में नहीं, दिल्ली के सैनिक फार्म में हैं…

राजू, हमारे पीछे आई टी सेल है, उसे पता है इस वक्त कहां हैं

रश्मि, छोड़ो इन बातों को, देखो जुगनू….चमक रहे हैं

हां पर वो जुगनू नहीं, न्यूज़ चैनल वाले हैं….

यार, तुम्हें फोबिया हो गया है….

नहीं राजू, सोशल मीडिया पर मेरी एक तस्वीर वायरल है…

तुम्हारी….क्या बात करती हो….पर तुम्हारी क्यों….

क्योंकि तुमने चांद को घोटाला कहा है। उस तस्वीर में तुम भी हो।

कब की है…कहां की है…मैं क्या कर रहा हूं….

अभी की है। तुम मुझे चूम रहे हो…और मैं तुम्हें बाहों में भर रही हूं।

रश्मि, ये चांद चांद नहीं रहा…

तभी तो राजू, धीरे बोला करो। जो नहीं रहा, उसे भूल जाओ।

तब हम क्या करेंगे….घर से भी नहीं निकलेंगे…

निकलेंगे मगर चांद नहीं देखेंगे….

चांद नहीं देखेंगे, क्यों…

राजू, तुमने अभी तो कहा न कि चांद घोटाला है।

हां पर तुमने तो ऐसा कहने से मना कर दिया…

मैंने कहा, ज़ोर से मत कहो…मन की बात, मन में रखो।

तो अब हम बात भी नहीं करेंगे….

राजू, तुम पर मानहानि का मुकदमा होगा….वो भी सौ करोड़ का..

रश्मि….पर सौ करोड़ तो मेरे पास नहीं हैं….मैं तो कंगाल हूं

राजू, ये जो तेरी हिम्मत है न…उसी की कीमत सौ करोड़ है..

फिर…

ये जब तक है….सौ करोड़ का नोटिस है….

रश्मि, मैं अब क्या करूं…..

राजू…चलो दिन का इंतज़ार करते हैं…रात से इंकार करते हैं….

– रवीश कुमार

(रवीश कुमार के फेसबुक पेज से साभार।)

You May Also Like

More From Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments