‘मेरा रंग फाउंडेशन’ के वार्षिक आयोजन में भाषा में जेंडर आधारित भेदभाव और पूर्वाग्रह पर होगी चर्चा

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नई दिल्ली। ‘मेरा रंग फाउंडेशन’ के वार्षिक आयोजन में इस बार भाषा में भेदभाव पर चर्चा होगी। आगामी 7 अक्टूबर को दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी का विषय होगा ‘समाज में भाषा और जेंडर’। कार्यक्रम का समय रहेगा शाम 3:30 बजे।

फाउंडेशन की संस्थापक व संचालक शालिनी श्रीनेत ने बताया कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने ‘हैंडबुक ऑन कॉम्बैटिंग जेंडर स्टीरियोटाइप्स’ जारी की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सुनवाई के दौरान असंवेदनशील शब्दों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना था, जिन्हें स्टीरियोटाइप्ड कहा जाता है। कोर्ट ने इस हैंडबुक में कई ऐसे शब्दों की सूची दी है जो अब सुनवाई के संदर्भ में अनुचित माने जाएंगे। इसमें ‘व्याभिचार’, ‘नाजायज’, ‘वेश्या’, ‘बिनब्याही मां’, ‘रखैल’ जैसे शब्दों का परिस्थितिक प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।

शालिनी ने कहा कि समाज, पत्रकारिता, साहित्य जैसे माध्यम अभी भी भाषा में जेंडर के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। कहीं न कहीं यह भाषा हमारी सोच को प्रभावित करती है। इसी विषय पर विचार-विमर्श के लिए यह गोष्ठी बुलाई गई है ताकि भविष्य में इसमें सुधार की एक दिशा मिल सके। ‘मेरा रंग फाउडेशन’ के इस प्रयास का उद्देश्य है कि भाषा में भेदभाव और स्त्री तथा अन्य लैंगिक समुदायों के प्रति पूर्वाग्रह को मिटाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाई जाए।

इस आयोजन में प्रमुख वक्ता के रूप में कवयित्री और आलोचक अनामिका, वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव, कथाकार विवेक मिश्र, ट्रांसजेंडर और भारत सरकार में सलाहकार सिमरन अरोड़ा, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता श्रद्धा सक्सेना, और लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता मोहिनी अपनी बात रखेंगे।

बीते साल से मेरा रंग ने पुरस्कार आरंभ किया है। इस वर्ष ‘रंग साहस का सम्मान’ युवा पर्वतारोही प्रियंका कुमारी को प्रदान किया जाएगा। प्रियंका ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए भी पर्वतारोहण के अपने संकल्प को पूरा किया और अभी हिमालय की कई ऊँची चोटियां फतह करने की तैयारी कर रही है।

इस मौके पर संस्था के बीते साल की गतिविधियों के बारे में बताया जाएगा और भावी योजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की जाएगी। आयोजन 7 अक्टूबर को शाम 3 : 30 बजे, मंडी हाउस के प्रथम तल पर साहित्य अकादमी के सभागार में आयोजित किया जाएगा।

(विज्ञप्ति पर आधारित।)

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