Tuesday, March 5, 2024

स्वीडन में हुई ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कांफ्रेंस ने दुनियाभर के पत्रकारों को खोजी पत्रकारिता के नए आयाम दिए

स्वीडन। कांफ्रेंस एक ऐसी जगह जहां अलग-अलग विभाग के लोग आपस मिलते हैं और विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं। ऐसी ही एक विश्व स्तरीय क्रांफ्रेस का आयोजन स्वीड़न के गोथनबर्ग शहर में हुआ। ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क (GIJN) द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म कांफ्रेंस 2023 का आयोजन किया गया। जिसमें दुनियाभर से लगभग दो हजार जर्नलिस्ट, प्रोफेसर, शोधार्थी और विभिन्न विषयों के एक्सपर्ट ने हिस्सा लिया।

लगभग चार दिनों तक चली इस कांफ्रेंस में मैंने ‘जनचौक’ को रिप्रेजेन्ट किया। 19 से 22 सितंबर तक हुई इस कांफ्रेंस में दुनिया के 125 देशों के लोगों ने हिस्सा लिया। जहां चार दिन विभिन्न विषयों के सेंशन होने के साथ-साथ अवॉर्ड सेरेमनी, म्यूजिक नाइट और गाला नाइट का आयोजन किया गया।

कांफ्रेंस का मुख्य मकसद पत्रकारों को खोजी पत्रकारिता के बारे में बताना और सिखाना था। साथ ही कि कैसे पूरे विश्व में खोजी पत्रकारिका की बदौलत बदलाव लाया जा सकता है।

इसमें जलवायु परिवर्तन इन्वेस्टिगेशन, मानवाधिकारों का हनन, सामाजिक मुद्दे, चुनाव के दौरान खोजी पत्रकारिता, क्राइम के लिए पत्रकारिता, हेल्थकेयर इन्वेस्टिगेशन, आर्टीफिशियल इंटेलिजेन्स और डेटा सिक्योरिटी पर चर्चा हुई।

कांफ्रेंस में एक्सपर्ट ने अपनी राय रखने के साथ-साथ पत्रकारिता के तरीके बताए। जिससे पत्रकारों को भविष्य में रिपोर्ट करने में सहायता मिले।

महिलाओं के लिए एक अलग से सेशन का आयोजन किया गया। वुमेन नेटवर्क के नाम से हुए एक सेशन में एशिया, यूरोप, अफ्रीकी और अमेरिकी देशों से आई महिलाओं ने पत्रकारिता के दौरान होने वाली चुनौतियों पर विशेष रूप से बात रखी।

महिला पत्रकारों ने अपनी-अपनी आपबीती बताई, जिसमें कहा गया कि हम चाहे भले ही टेक्नोलॉजी की दुनिया में रह रहे हैं लेकिन आज भी महिलाओं को पत्रकारिता करने से रोका जा रहा है। दक्षिण एशियाई देश की महिला पत्रकार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि जब मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की तो लोग मेरी तुलना सेक्स वर्कर से करने लग गए थे।

सोशल मीडिया के दौर में महिला पत्रकारों को जेंडर के आधार पर कैसे ट्रोल किया जाता है। इसके एक से बढ़कर एक उदाहरण सुनने के मिले।

इतना ही नहीं महिलाओं ने एकजुट होकर पूरी दुनिया में जितनी भी महिला पत्रकारों को पत्रकारिता के लिए जेल तक जाना पड़ा है, उनके सहयोग में खड़ी होकर #journlaismisnotcrime नाम से एक फोटो लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया।

सरकारी एजेंसियां कैसे जलवायु परिवर्तन को प्रभावित कर रही हैं। Climater government and industry accountable नाम के इस सेशन में तीन स्पीकर ने इस पर चर्चा की। जिसमें विश्व की टॉप 20 सरकारी कंपनियों के बारे में भी बताया गया जो सबसे ज्यादा जलवायु परिवर्तन को प्रभावित कर रही है। जिसमें भारत की कोल इंडिया 11वें नंबर पर है।

साथ ही बताया गया कि कैसे इन विषयों पर खोजी पत्रकारिता करनी है क्योंकि सरकारी कंपनियों का डेटा निकलना आसान नहीं होता है। ऐसे मुद्दों पर कैसे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिपोर्टिंग करनी है।

इस कांफ्रेंस में सिर्फ यही नहीं बताया गया कि हमें रिपोर्टिंग कैसे करनी है। बल्कि इसके साथ ही संस्थानों को कैसे मजबूत किया जाए, छोटे मीडिया संस्थान किस बिजनेस स्ट्रेटजी पर काम करें, फंड रेजिंग कैसे करें इन विषयों पर भी चर्चा की गई। ताकि छोटे संस्थान पैसे के अभाव में अच्छी रिपोर्ट से वंचित न रह जाएं।

इस दौरान जीआईजेएन के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर रहे डेविड कपल्न (David Kaplan) ने अपना पद छोड़ा और इस बार वेनेजुएला की अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट Emila Diaz Struck ने इस पद को संभाला।

अपने पद को संभालते ही अपने भाषण ने उऩ्होंने वेनेजुएला के एक मुहावरे के द्वारा लोगों के उत्साह को बढ़ाते हुए कहा कि हमें अपने जूतों को कस पर पहन पत्रकारिता की दुनिया में ऐसा डांस करना है ताकि लोग हमारे काम को देखें।

दक्षिण एशिया की टीम से बात करते हुए Emila ने कहा कि यह कांफ्रेंस हर दो साल बाद होती है। जिसमें पूरी दुनिया के लोग आते हैं। कोरोना के कारण इसमें ब्रेक लगा था। लेकिन अब हम पूरी तरह से इसके लिए तैयार हैं।

भारत और दक्षिण एशिया के परिप्रेक्ष्य में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी टीम के बेहतरीन लोग यहां लगातार काम कर रहे हैं। हमारा फोकस इस क्षेत्र पर ज्यादा है। हमारी टीम इस पर काम कर रही है ताकि दक्षिण एशिया के लोगों को ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग दी जाए और उन्हें आगे लाया जाए। इतना ही नहीं अगर पत्रकारों को किसी तरह के संसाधनों की भी जरूरत पड़ेगी तो हमारी टीम इसकी मदद करने को तैयार है। ताकि अभाव में कोई पत्रकार रिपोर्ट से वंचित न रह जाए।

(स्वीडन से पूनम मसीह की रिपोर्ट।)

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