भारत में बैंकों का नया सिद्धांत-2: मुनाफे का निजीकरण और घाटे का सामाजीकरण

कुणाल कामराः इसके अलावा किसानों के लोन का संकट भी है। जब किसान लोन नहीं चुका पाते और सरकार लोन माफ़ करती है तो आम जनता नाराज़ होती है, कि किसानों के लोन क्यों माफ़ किए जा रहे हैं? लेकिन अगर तुलना करें तो कॉर्पोरेट्स के लोन माफ़ करने की रकम किसानों के लोन माफ़ … Continue reading भारत में बैंकों का नया सिद्धांत-2: मुनाफे का निजीकरण और घाटे का सामाजीकरण