BIHAR STET: गलत आंसर शीट हुई अपलोड, BSEB पर उठे सवाल

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पटना। सितंबर महीने के 4 से 15 तारीख के बीच ‘बिहार विद्यालय परीक्षा समिति’ (BSEB) के द्वारा स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी STET की परीक्षा ली गई थी। परीक्षा के बाद बीएसईबी ने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की आंसर शीट जारी की‌। आंसर शीट जारी करने के बाद काफी सवाल उठ रहे हैं। आंसर शीट में कई विषयों के प्रश्नों के जवाब गलत पाए गए।

जिसके बाद छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के जानकारों ने ‘बिहार विद्यालय परीक्षा समिति’ की आलोचना की। सोशल मीडिया पर भी इस पर मीम बनाकर खूब वायरल किया जा रहा है। आए दिन बिहार का शिक्षा विभाग किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बना रहता है।

मधेपुरा जिला के छात्र रूपेश कुमार बताते हैं कि, “गजब मजाक बना कर रखा है शिक्षा विभाग का। BSEB द्वारा जारी उत्तर सीट में देखिए। कितने साधारण सवाल का जवाब गलत लिखा हुआ है। चिपको आंदोलन का नेतृत्व – इंदिरा गांधी, मानस वन्य जीव अभ्यारण्य-पंजाब, हीराकुंड जल विद्युत केंद्र -बिहार। आंसर सीट बनाने वाले ऐसे एक्सपर्ट्स को क्या ही कहें।”

जब विद्यार्थियों ने उत्तर कुंजी के संबंध में बिहार शिक्षा विभाग से शिकायतें कीं तब बीएसईबी ने आंसर शीट को अपनी वेबसाइट से हटा दिया और सुधार कर दोबारा अपलोड किया है। जानकारों की माने तो STET परीक्षा के परिणाम इसी महीने की आखिर में आ जाएगी। सरकार का नया नियम यह भी है कि रिजल्ट से पहले अगर कोई छात्र परीक्षा से संबंधित आपत्ति दर्ज करने के लिए आवेदन करता है तो उसे 50 रुपये की फीस देनी होगी।

परीक्षा चल रहा या मजाक?

पटना में जनरल कंपटीशन की तैयारी कर रहे अंशु मिश्रा बताते हैं कि, “Bihar School Examination Board  ने STET23 के पेपर 1 विज्ञान विषय के ANSWER KEY में लगभग 30 उत्तर गलत थे। विज्ञान के अलावा म्यूजिक, गणित और हिंदी जैसे विषयों में गड़बड़ी की गई है। कई विषयों का आंसर शीट भी डाउनलोड नहीं हो पा रहा था।

Bihar Education Department को BSEB की कार्यशैली पर सोचने की जरूरत है। परीक्षा चल रहा या मजाक?”

“बिहार शिक्षा बोर्ड यूं ही बदनाम है। ऐसी स्थिति रही तो छात्रों का भरोसा और भी खत्म हो जाएगा। अभी चुनाव भी नजदीक है। इसलिए कभी-कभी लगता है कि शिक्षकों की बहाली का शोर भी चुनावी स्टंट है। इतने साधारण सवालों का जवाब कोई एक्सपर्ट इतना गलत कैसे दे सकता है। 27 वर्षीय पटना के छात्र अभिनव बताते हैं कि अभी तो बहुत लंबी प्रक्रिया है। काफी परीक्षा होगी फिर कागज़ात वेरिफाई होंगे। पता नहीं कब तक छात्रों को नौकरी मिलेगी।

प्रश्न और उसके गलत आंसर

1. जीवाणु जनित रोग के समूह में-  पोलियो

2. विद्युत हीटर में प्रयुक्त तार- तांबा

3. विद्युत का अच्छा चालक- प्लास्टिक

4. चिपको आंदोलन का उद्देश्य – साक्षरता बढ़ाना

5. मृदा अपरदन को रोकने के लिए – सिंचाई

6. शक्ति का मात्रक – जुल व प्रतिरोधकता का मात्रक – ओम बताया है।

7. डायनमो – रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस सारे मामले पर प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि आंसर की जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से आपत्तियां मिलीं। समीक्षा में गलत उत्तरकुंजी दर्ज होने का मामला सामने आया था। हमने सभी विषयों की आंसर-की प्रश्न पत्रों के साथ जारी कर दी है। साथ ही गलत उत्तर तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञ के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गयी है।

STET परीक्षा के नाम पर छात्रों के साथ धांधली

आरा जिला के रहने वाले उदय प्रकाश त्यागी बताते हैं कि, “मुझे STET 2023 पास कराने के लिए कॉल आया था। जबकि मैं STET 2019 पास हूं लेकिन फिर भी STET 2023 अप्लाई कर दिया था। मैं exam देने भी नहीं गया और पास कराने के लिए 90380*****नंबर से कॉल पर 20 हज़ार रुपए का डिमांड किया था।” उदय प्रकाश अकेले छात्र नहीं है ऐसे हजारों छात्रों को पास कराने के नाम पर फोन किया गया था।  

जालसाजों से बचने के लिए बिहार सरकार का पोस्टर

राज्य सरकार का गृह विभाग भी सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों को जागरुक कर रहा हैं। गृह विभाग सोशल मीडिया पर छात्रों को धांधली से बचने के लिए लिखता है कि जालसाजों से रहें सावधान परीक्षा में पास कराने के नाम पर पैसों की मांग करने वालों से रहें सतर्क। बीपीएससी, एसटीईटी, सिपाही भर्ती, शिक्षक बहाली जैसे परीक्षाओं में पास कराने वाले कई ठग गिरोह हैं सक्रिय। ठग गिरोह के लोग अभ्यर्थियों को फोन पर करते हैं पैसों की डिमांड अभ्यर्थी इस तरह के झांसे में नहीं आएं। इस तरह के कॉल आने पर नजदीकी थाना/ साइबर थाना/ 1930 पर शिकायत दर्ज करें”।

किसी भी तरह के exam में पास कराने के नाम पर पैसे मांगने वाले धांधली करने वालों से सावधान रहें। शिक्षा माफिया और दलालों एवं सेंटर से सावधान, सजग और सतर्क रहें। जबकि बिना शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप से परीक्षा में धांधली संभव ही नहीं है।

(पटना से राहुल की रिपोर्ट।)

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