Monday, April 15, 2024

मोदी राज में आदिवासियों-दलितों पर मनुवादी हिंसा और दमन बढ़ा

4 मार्च 2024 को लातेहार जिले का पहाड़पुरी गांव में “लोकतंत्र बचाओ 2024 अभियान” के अंतर्गत चतरा लोकसभा सीट के लिए INDIA गठबंधन के किस पार्टी को टिकट दिया जाए को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें चतरा और लातेहार जिलों के सभी प्रखंडों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रतिनिधियों ने कहा कि इस बार चतरा लोकसभा क्षेत्र के सभी आदिवासी, दलित और पिछड़ी जातियों ने तय कर लिया है कि मोदी सरकार को हराने के लिए वोट देंगे। लोगों की मांग और चुनावी इतिहास को देखते हुए अभियान ने यह भी निर्णय लिया कि भाजपा के विरुद्ध INDIA गठबंधन को समर्थन दिया जायेगा। यह भी निर्णय हुआ कि जीत के लिए INDIA गठबंधन की ओर से चतरा लोकसभा सीट राष्ट्रीय जनता दल को मिलना चाहिए एवं जनता की मांग के अनुरूप व क्षेत्र की सामाजिक स्थिति के अनुसार स्थानीय प्रत्याशी का चयन किया जाना चाहिए।

बैठक में प्रतिनिधियों ने कहा कि हाल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फर्जी आरोप पर गिरफ्तार करना और आदिवासी-मूलवासियों द्वारा चुने हुए सरकार को बार-बार गिराने की कोशिश भाजपा और मोदी सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा को बेनकाब कर दिया है। इससे क्षेत्र के आदिवासियों में रोष है और लोग भाजपा के विरुद्ध गोलबंद हैं।

बैठक में यह बात सामने आई कि भाजपा के लोग ग्रामीणों, खास कर के आदिवासी और दलितों को राशन और पेंशन के नाम पर झूठ बोल रहे हैं और वोट का दबाव दे रहे हैं। भाजपा बोल रही है कि मोदी सरकार राशन और पेंशन भेज रही है। जबकि सच्चाई है कि राशन कांग्रेस सरकार द्वारा 2013 में पारित खाद्य सुरक्षा कानून के कारण मिल रहा है। पेंशन राज्य सरकार के कारण मिल रही है। बैठक में यह मामला भी सामने आया कि आदिवासियों-दलितों का यह भी अनुभव है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में गांव-समाज में उन पर मनुवादी हिंसा और दमन बढ़ा है।

मोदी सरकार के 10 सालों बाद क्षेत्र के आदिवासी-मूलवासी अब समझ गए हैं कि उनके जल, जंगल, ज़मीन और खनिज पर विशेष हमले हुए हैं। अगर भाजपा फिर जीतती है तो लातेहार-चतरा का जल, जंगल, ज़मीन खत्म को जाएगा।

अभियान ने कहा कि यह दुखद है कि INDIA गठबंधन के दल अभी तक क्षेत्र में जन संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन शुरू नहीं किया है। INDIA गठबंधन दलों द्वारा ज़मीनी स्तर पर मोदी सरकार के झूठ का पर्दाफाश भी नहीं किया जा रहा है।

बैठक में यह फैसला लिया गया कि अभियान द्वारा दलों के हर स्तर के नेतृत्व से मिलकर इन बातों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में अजय उरांव, भुखन सिंह, दिनेश्वर यादव, हरिकुमार भगत, जेम्स हेरेंज, जितेंद्र खेरवार, नंदकिशोर गांझू, प्रवेश राणा, ज्योति बहन, जॉर्ज मोनीपल्ली, सुरेश उरांव, सीमा कुमारी, सेलेस्टीन कुजूर, सीमा कुमारी, तेतरी कुमारी, विनय सेंगर, समेत कई सामाजिक राजनैतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

वहीं दूसरी तरफ “लोकतंत्र बचाओ 2024” (अबुआ झारखंड, अबुआ राज) अभियान ने राज्य के INDIA गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिख कर फिर से मांग किया है कि INDIA पार्टियां तुरंत सीट-वार समन्वय स्थापित कर ज़मीनी गठबंधन सुनिश्चित करे। अभियान ने जनता की मांग व चुनावी इतिहास के आधार पर राज्य के कुल 14 सीटों में 10 सीटों पर पार्टी वार गठबंधन का सुझाव दिया है। इसके अनुसार गठबंधन की ओर से खूंटी, रांची व लोहरदगा से कांग्रेस, जमशेदपुर, सिंहभूम, गिरिडीह, दुमका व राजमहल से झारखंड मुक्ति मोर्चा, चतरा से राष्ट्रीय जनता दल एवं कोडरमा से भाकपा (माले) लिबरेशन को चुनाव मैदान में उतारा जाए।

अभियान बार-बार मांग कर रहा है कि तुरन्त सीट-वार गठबंधन की घोषणा की जाए। अभियान द्वारा कहा गया है कि की मोदी सरकार, भाजपा व आरएसएस देश, झारखंड, लोकतंत्र, संविधान और मेहनतकश वर्ग के लिए सबसे बड़े खतरे हैं। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी 14 लोकसभा क्षेत्रों में 2024 लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष में लगभग एक साल से जन जागरण कार्यक्रमों जैसे जन सभा, कार्यशाला, यात्राओं व वॉलंटियर प्रशिक्षणों आदि का आयोजन किया जा रहा है व लोगों को संगठित किया जा रहा है।

अभियान का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव के संघर्ष में सभी लोकतंत्र पसंद लोगों, संगठनों और INDIA गठबंधन की पार्टियों को मिलकर जन मुद्दों पर साझा ज़मीनी संघर्ष करने की ज़रूरत है, इसी से जीत संभव है। अभियान ने कई बार INDIA गठबंधन से मिलकर इस विषय पर पर चर्चा किया है, लेकिन पर्याप्त ज़मीनी कार्यवाई अभी भी नहीं दिख रही है। इसलिए अभियान ने फिर से पत्र लिख कर मांगो को दोहराया है।

सीट-वार गठबंधन के साथ अभियान ने मांग किया है कि जनता की मांग अनुरूप व क्षेत्र की सामाजिक स्थिति के अनुसार स्थानीय प्रत्याशी का चयन ज़रूरी है। प्रत्याशी जल, जंगल, ज़मीन, अस्तित्व की लड़ाई में आदिवासी-मूलवासियों के साथ खड़े रहने वाले हों एवं जन मुद्दों पर संघर्ष करने वाले हों। अब तुरंत सभी गठबंधन के दल साथ मिलकर जन मुद्दों पर आधारित साझा लोकसभा स्तरीय जन संपर्क कार्यक्रमों जैसे यात्रा, जन सभा, पर्चा वितरण, दीवार लेखन आदि का आयोजन शुरू करे। अभी तक इस दिशा में गंभीर प्रयास की कमी है।

अभियान आशा करता है कि लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में INDIA गठबंधन मोदी सरकार की विनाशकारी नीतियों के विरुद्ध, संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए एवं जन पक्षीय कानूनों व नीतियों के लिए स्पष्ट व साझा प्रतिबद्धता दर्शायेगा।

अभियान की ओर से अफ़जल अनीस, अलोका कुजूर, दिनेश मुर्मू, एलिना होरो, कुमार चन्द्र मार्डी, किरण, लालमोहन सिंह खेरवार, मेरी निशा हंसदा, मंथन, पकू टुडु, रमेश जेराई, रेशमी देवी, सिराज दत्ता व टॉम कावला ने पत्र जारी किया।

(झारखंड से विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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