Monday, April 15, 2024

‘किसान आंदोलन-2’ के 2 हफ्ते: पंजाब में किसानों का विशाल ट्रैक्टर मार्च

सोमवार को किसान आंदोलन के चौदहवें दिन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अगुवाई में समूचे पंजाब में विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक सूबे के एक से दूसरे कोने तक निकाले गए ट्रैक्टर मार्च का मूल मकसद शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों की हिमायत करना, बीते बुधवार को हरियाणा पुलिस की गोली का शिकार हुए युवा किसान शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि देना और केंद्र सरकार पर किसानों की मांगे मानने का दबाव डालना था।

ट्रैक्टर मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस बात का खास ख्याल रखा गया कि आम नागरिकों को इससे किसी किस्म की कोई परेशानी न हो। किसानों ने तमाम जगह सड़क के किनारे ट्रैक्टर चलाए। हासिल जानकारी के मुताबिक तय समय पर शाम 5 बजे के बाद किसान ट्रैक्टर लेकर घर-गांव की ओर लौटने लगे हैं। आज के ट्रैक्टर मार्च में 36 किसान जत्थेबंदियों ने सक्रिय रूप से शिरकत की। 26 फरवरी के इस ट्रैक्टर मार्च को विभिन्न किसान संगठनों ने प्रतीकात्मक विरोध करार दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे पूरी तरह कामयाब बताया। अब आगे की रणनीति पर विचार हो रहा है।

पंजाब के आंदोलन कर रहे किसानों की हिमायत में हरियाणा के किसानों ने भी विभिन्न टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया और मार्च निकाला।पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, तरनतारन, मोहाली, डेराबस्सी, राजपुरा, पठानकोट, जगरांव, संगरूर, मानसा, मोगा, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, मलेरकोटला, मुक्तसर और पटियाला सहित कई शहरों और कस्बों में विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाले गए।

ज़िक्रेखास है कि सोमवार को शंभू और खिनौरी बॉर्डर पर डटे दो प्रमुख किसान संगठनों किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा व संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने केंद्र सरकार से वार्ता के संकेत दिए। दोनों संगठनों की अगुवाई में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के हजारों किसान डटे हुए हैं। बुधवार के घटनाक्रम के बाद उन्होंने 29 फरवरी तक दिल्ली कूच का अपना रणनीतिक फैसला स्थगित किया हुआ है।

किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के संयोजक सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार बॉर्डर और इंटरनेट खोल रही है। अब इस माहौल में सही बातचीत हो सकती है। किसान जानबूझकर टकराव नहीं चाहते बल्कि सरकार से संवाद करके अपनी तमाम समस्याओं का समाधान चाहते हैं। बॉर्डर पर डटे किसान तभी घरों को वापिस लौटेंगे; जब उनकी सारी मांगे मान ली जाएंगीं।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकार किसानों के खिलाफ दमन की कार्रवाई बंद करे। किसानों पर गोली चलाने वालों, उन्हें जबरन उठाने और पीटने तथा ट्रैक्टर तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शुभकरण सिंह की मौत के लिए जिम्मेवार पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। किसान नेता ने कहा कि 29 फरवरी को अगली रणनीति की घोषणा कर दी जाएगी।

(पंजाब से अमरीक की रिपोर्ट।)

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