ट्रैक्टर परेड निकाल रहे किसानों का पुलिस से टकराव, आंसू गैस के गोले दागे और हुआ लाठीचार्ज

मुकरबा चौक पर बैरीकेडिंग तोड़कर किसान आउटर रिंग रोड की तरफ कूच कर गए हैं। इससे पहले संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। सुबह करीब ग्यारह बजे दिल्ली के मुकरबा चौक पर किसान आउटर रिंग के तरफ जाने पर अड़ गए। इसको लेकर वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद बवाल शुरू हो गया। गाजीपुर, अक्षरधाम बुराड़ी में भी लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले छोड़ने की खबरें हैं।

नाराज किसानों को नियंत्रित करने के लिए मुकरबा चौक पर पुलिस ने दो-तीन आंसू गैस के गोले छोड़े थे। सिंघू बॉर्डर से किसानों की ट्रैक्टर रैली यहां पहुंची थी। पुलिस भीड़ को काबू करने की कोशिश कर रही है। बस में भी तोड़फोड़ की गई है।

दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई की अलग-अलग घटनाओं के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।

वहीं दिल्ली पुलिस के मुताबिक किसानों को करीब 5000 खोली और 5000 किसानों की परमिशन मिली थी, लेकिन परेड के दौरान किसान ट्रैक्टरों में ट्रॉली और करीब 25 से 30 हजार किसानों की संख्या के साथ दिल्ली में घुस गए। दिल्ली में विनोद नगर मेट्रो स्टेशन के पास किसानों का जमावड़ा लगा है।

गाजीपुर में जबरन कंटेनर को हटाकर किसान अक्षरधाम की और बढ़ गए हैं। करीब पचास ट्रैक्टर निकलने तक पुलिस ने किसान नेताओं को समझाकर रोक दिया है। रास्ता अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसान मार्च अब फिर से आनंद विहार की तरफ बढ़ रहा है।

उधर, अक्षरधाम मंदिर की तरफ गए ट्रैक्टर भी वापस लौट रहे हैं। वहीं यूपी के बागपत की तरफ से अभी भी दिल्ली और यूपी गेट के लिए ट्रैक्टर लेकर किसान आ रहे हैं। मुख्य चौराहों पर पुलिस ट्रैक्टरों को निकाल रही है।

दिल्ली में कूच करने के लिए लोग यूपी गेट से किसान ट्रैक्टर, कार समेत निजी वाहनों से निकल रहे हैं। अक्षरधाम पर भारी संख्या में ट्रैक्टर पहुंचे हैं। पुलिस ने उनको रोका हुआ है। दिल्ली की सड़कों पर किसानों का पूरी तरह चक्का जाम हो गया। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे की लेन पर बस और कंटेनर लगाकर रास्ता बंद कर दिया। गुस्साए किसान नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ गए।

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