Thursday, February 2, 2023

जातीय उत्पीड़न की भेंट चढ़ा मेडिकल छात्र, आरोपियों को बचा रही योगी सरकार

आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष में एक दलित मज़दूर दंपति ने भी सपना देखा ज़िल्लत, हिकारत, छुआछूत, ग़ैरबराबरी से आज़ादी का, और अपने सपने को साकार करने के लिये...

ग्राउंड रिपोर्ट: भारत जोड़ो यात्रा में आधी जमीन की रही पूरी भागीदारी

पठानकोट/ श्रीनगर। कश्मीर के श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा का आज यानि 30 जनवरी को समापन हो गया।...

सरकार ने दिया है जोशीमठ सरीखी आपदाओं को न्योता: अतुल सती

(जनचौक की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर अल्पयु सिंह ध्वंस के कगार पर खड़े जोशीमठ के दौरे पर गयी थीं। उन्होंने...

ग्राउंड रिपोर्ट: कस्तूरबा नगर नहीं, लोगों के ख्वाबों पर चल रहा बुलडोजर

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कस्तूरबा नगर कॉलोनी की एक दलित लड़की के मन में डॉक्टर बनने के...

ग्राउंड रिपोर्ट पार्ट-2: जोशीमठ की दरारें कैसे बनीं ‘द लास्ट लीफ़’?

ओ हेनरी की कहानी 'द लास्ट लीफ'तो सबने पढ़ी होगी। कहानी में एक लड़की जॉन्सी को निमोनिया हो...

एक साहसी अधिवक्ता, शिक्षक और कानून के ध्रुवतारे का जाना

कानूनी बिरादरी हाल के वर्षों में वंचित से और अधिक वंचित हो गई, एक के बाद एक महान अधिवक्ताओं को खो दिया है। अब उसने अपना ध्रुवतारा खो दिया है। गांधीजी ने एक बार कहा था, "जीवन और मृत्यु एक ही चीज के चरण हैं, एक ही सिक्के के दो पहलू। मनुष्य के विकास के लिए जीवन की भांति मृत्यु भी आवश्यक है। टैगोर के अनुसार यह यात्रा ऐसी थी "गर्मियों के फूलों की तरह जीवन को सुंदर होने दो और शरद ऋतु के पत्तों की तरह मृत्यु"। शांति भूषण, जिन्हें प्यार से ‘शांतिजी’ नाम से पुकारा जाता है, स्वतंत्र भारत के सबसे साहसी वकील थे। वे हमेशा एक उच्च पायदान पर विराजमान रहे और न्यायिक जीवन में ईमानदारी का समर्थन करते रहे। उन्होंने सिर्फ वक्तव्य ही नहीं दिये, बल्कि सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई भी लड़ी; इंदिरा गांधी या पीवी नरसिम्हा राव, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के...

सांप्रदायिक एजेंडे की खातिर इतिहास से छेड़छाड़ कर रहे मोहन भागवत!

सन् 2018 में दिल्ली के विज्ञान भवन में अपने व्याख्यानों की श्रृंखला में आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया था उससे कुछ...

ओबीसी उप-वर्गीकरण का काम पूरा नहीं, अब पैनल का 14वां विस्तार

पांच साल से अधिक समय बीत गया लेकिन ओबीसी उप-वर्गीकरण पैनल अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण का काम पूरा...

ऑपरेशन ब्लू स्टार: जनरल कुलदीप सिंह बराड़ के बयान के असली मायने क्या हैं?    

दुनिया भर में चर्चा का विषय बना रहा ऑपरेशन ब्लू स्टार 39 साल पहले हुआ था। भारतीय फौज ने श्री स्वर्ण मंदिर साहिब में...

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बजट 2023: कॉर्पोरेट को फायदा और आम जनता के लिए सिर्फ वायदा

लखनऊ। 2023 के आम बजट ने एक बार फिर से पुष्टि की है कि मोदी सरकार सप्लाई साइड इकोनॉमी...