Saturday, May 28, 2022

बादल सरोज

फिलिस्तीन की शीरीन की हत्या निशाने पर निर्भीक पत्रकारिता

11 मई को फिलिस्तीन के जेनिन शहर में इजरायली फौजों द्वारा की जा रही जबरिया बेदखली को कवर कर रहीं अल जज़ीरा की वरिष्ठ और जानी-मानी पत्रकार शिरीन अबू अक्लेह को गोली मार दी गयी। 51 वर्षीय इस महिला...

मनासा में “जागे हिन्दू” ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

जिस हिन्दू को जगाने के काम में पूरा कुल कुटुंब लगा हुआ था वह अब जाग चुका है। कहते हैं हजारों साल बाद जागा है तो अब जगार की खबर दुनिया तक पहुंचा कर ही मानेगा। इतना ज्यादा जाग...

कॉरपोरेटी मुनाफे के यज्ञ कुंड में आहुति देते मनु के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

2 तथा 3 मई की दरमियानी रात मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के गाँव सिमरिया में जो हुआ वह भयानक था। बाहर से गाड़ियों में लदकर पहुंचे बजरंग दल और राम सेना के गुंडा गिरोह ने पहले घर में...

धीमे-धीमे तेज से तेजतर होते हुए तीव्रतम होती नफरती की आँधी

70 के दशक में तब की जनता सरकार के विदेश मंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी, कहा जाता है कि, प्रोटोकॉल तोड़कर दुनिया के मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ से मिलने उनके घर गए थे। फैज़ से मुलाक़ात...

एमपी में नए नेता प्रतिपक्ष: घोड़े या सवार को नहीं, दशा के लिए बदलनी होगी दिशा

अंततः कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बदल ही दिया।  अब तक पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे, नेता प्रतिपक्ष भी थे। अब 7 बार के विधायक डॉ गोविन्द सिंह नेता प्रतिपक्ष होंगे।...

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा के बाद ईश्वरप्पा ने अपने ही कुनबे के पाटिल को क्यों मारा ?

"कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?" यह डायलॉग हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रिय फ़िल्मी संवादों में से एक है। वे इसे एकाधिक बार दोहरा चुके हैं। पिछले दिनों कर्नाटक की उनकी पार्टी- भाजपा - ने इस डायलॉग...

क्या अब शिष्ट होना भी गुनाह है? 

नानी याद आने की कहावत थोड़ी अतिरंजित है ; असल में तो अम्मा याद आती हैं। आज हमें अम्मा याद आ गयीं। अम्मा हमारी बिना पढ़ी लिखी थी - गेरुआ वस्त्र धारी साधू के घर में एक के बाद...

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा

वैसे तो भाजपा राज में साम्प्रदायिकता की नफरती मुहिम की रफ़्तार कभी धीमी नहीं हुई मगर इस बीच इसमें अचानक कुछ ज्यादा ही तेजी आई है। उत्तर प्रदेश सहित पांच प्रदेशों के विधानसभा चुनावों में जीतने के बाद तो...

समय की घड़ी पीछे घुमाने लिए अब गीता का सहारा

अब वे कुछ ज्यादा ही जल्दी में हैं। ‘कश्मीर फाइल्स’ के नाम पर देश भर में तनाव भड़काने के लिए उन्होंने अपने सारे गधे-घोड़े और खच्चर छोड़ दिए हैं। अपनी राज्य सरकारों की तरफ से इस अति हिंसक, झूठी...

भोपालियों के बहाने: अविवेकी फतवे से विवेक न खोयें प्लीज

एक स्टुपिड, मीडियोकर, उथला व्यक्ति भोपाल के बारे में कोई भी झाड़ूमार बयान झाड़ दे यह बेहूदगी है, यह उसका अज्ञान और मूर्खों की संगत से हासिल बड़े वाला ओवरकॉन्फीडेंस है। विवेक रंजन अग्निहोत्री का भोपाल के बारे में...

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साम्प्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

जब सुप्रीम कोर्ट ने असाधारण तत्परता से अनवरत सुनवाई कर राम मंदिर विवाद में बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं के...