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अनिल जैन

सोलह महीने बाद भी 17वीं लोकसभा को उपाध्यक्ष नहीं मिल सका

सत्रहवीं लोकसभा का गठन हुए 16 महीने हो चुके हैं। यानी उसका एक चौथाई कार्यकाल बीत गया है। इस बीच…

20 hours ago

अगर जसवंत सिंह की चली होती तो कश्मीर मसला शायद हल हो गया होता!

अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में अलग-अलग समय में वित्त, विदेश और रक्षा जैसे अहम मंत्रालयों की…

3 days ago

जनता से ज्यादा सरकारों के करीब रहे हैं हरिवंश

मौजूदा वक्त में जब देश के तमाम संवैधानिक संस्थान और उनमें शीर्ष पदों पर बैठे लोग अपने पतन की नित-नई…

1 week ago

एक नशेड़ी अभिनेता की लाश पर चुनावी रोटियां सेंकने की तैयारी

बिहार का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बाढ़ से उपजी समस्याओं से जूझ रहा है। वहां कोरोना का संक्रमण तेजी…

3 weeks ago

प्रशांत भूषण प्रकरण: जस्टिस मिश्रा के फैसले से सुप्रीम कोर्ट की हुई हेठी!

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक अवमानना के अभूतपूर्व मामले में दोषी ठहराए गए जाने-माने वकील प्रशांत भूषण पर अभूतपूर्व सजा के…

4 weeks ago

महामारी और गोपनीयता की आड़ में लोकतंत्र को पंगु बनाने की साजिश

कोरोना महामारी की वैश्विक चुनौती के संदर्भ में हमारे समय के विद्वान-दार्शनिक और इतिहासकार युवाल नोहा हरारी का एक लेख…

1 month ago

कांग्रेस के लिए गांधी परिवार वैसे ही ज़रूरी है जैसे भाजपा के लिए संघ

जब भी कोई राजनीतिक दल अपने बुरे दौर से गुजर रहा होता है तो उसमें कुछ न कुछ खटपट चलती…

1 month ago

कोरोना के सामने खुद ही बीमार साबित हो गईं भारत की स्वास्थ्य सेवाएं

भारत में कोरोना महामारी से निबटने के लिए आज से पांच महीने पहले जब देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया था,…

1 month ago

लाल किले के प्राचीर से अधूरे सच, सफेद झूठ और आत्म प्रशंसा से भरा भाषण

अधूरा सच, सफेद झूठ, परनिंदा, नए-नए शिगूफे, धार्मिक और सांप्रदायिक प्रतीकों का इस्तेमाल और आत्म प्रशंसा! यही पांच प्रमुख तत्व…

2 months ago

राज्यपालों की पतन गाथा: मोदी राज में कई नए अध्याय जुड़े

पंचतंत्र में चालाक बंदर और मूर्ख मगरमच्छ की एक कहानी है, जिसमें बंदर अपना कलेजा खाने को आतुर मगरमच्छ से…

2 months ago