उपेंद्र चौधरी

भ्रष्टाचार उजागर तो हो रहा है, मगर पत्रकारों के कैमरे, कम्प्यूटर या और कलम से नहीं 

जब नेता सच बोलने लगें और पत्रकार चुप हों आज हालात ऐसे हैं कि प्रशांत किशोर जैसे… Read More

आयातित लोकतंत्र, प्रतीकात्मक भागीदारी और जेंज़ी आंदोलन: नेपाल की राजनीति की नई चुनौती

नेपाल की राजनीति लंबे समय से बाहरी प्रभावों पर टिकी रही है। लोकतंत्र का ढांचा विदेशों से… Read More

तरक्की की रफ़्तार के बीच आदिवासियों की ठहरी हुई पहचान 

भारतीय समाज की जातीय संरचना एक जीवंत सामाजिक प्रयोगशाला रही है, जहां राजनीतिक चेतना, सामाजिक आंदोलन और… Read More