उपेंद्र चौधरी

ईश्वर का समीकरण: कल्पना, विश्वास और आत्म-संतोष की त्रिज्या में फंसा मनुष्य

ईश्वर- यह शब्द जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही गूढ़ और बहुआयामी भी है। यदि हम… Read More

हत्याएं और नरसंहार: बिहार की प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक विफलता का वीभत्स आईना

पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या, पूर्णिया में हुआ नरसंहार और सिवान में हुई सामूहिक हत्याएं… Read More

क्रांति बनाम प्रतिक्रांति: इस्लामीकरण,ग़ैर-इस्लामीकरण या धर्मनिरपेक्षता की शब्दावली का राजनीतिक छल 

राजनीतिक विमर्श में भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि एक वैचारिक हथियार भी होती है। शब्दों… Read More