Saturday, February 24, 2024

जयप्रकाश नारायण

विजय बहादुर राय: सोशलिस्ट पीढ़ी के आखिरी कड़ी का टूटना

विजय बहादुर राय (भाई साहब) का जाना संसोपा कालीन सोशलिस्ट नेताओं के आखिरी पीढ़ी का चला जाना है। लोकबंधु राज नारायण की समाजवादी दृढ़ता लोकतांत्रिक संघर्ष और सत्ता के साथ सड़क संसद और न्यायालय में मुठभेड़ के क्रम में...

समय के साथ और विराट होते जा रहे गांधी

नश्वर शरीर से मुक्त गांधी भी हिंदुत्व का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। राज्य की दानवी ताकत पर बैठा, तोप, टैंकर, बंदूक, युद्धक और मानव संहारक विमानों पर सवार, हिंदुस्तान की सत्ता पर काबिज हिंदुत्व का महाबली शासक गांधी...

देश में लाल आंखों वाली सरकार और चीन के करीब होते जा रहे पड़ोसी देश

हम भारतवासियों को 2014 में हुआ चुनाव अवश्य याद होगा, जब कॉर्पोरेट पूंजी के रथ पर सवार मोदी भारतीय राजनीति के क्षितिज पर धूमकेतु की तरह उभरे और आत्मविश्वास के साथ धड़धड़ाते हुए दिल्ली की गद्दी पर जा बैठे।...

2023 में हम थोड़ा और पाकिस्तान हो गए

अभी कुछ दिन पहले सुपर कॉप जूलियस रिवोरो ने एक बातचीत में कहा था कि "हम भगवा पाकिस्तान होते जा रहे हैं।" यह टिप्पणी सुनकर ऐसा लगा कि देश के लिए सब कुछ समर्पित कर देने वाले सर्वश्रेष्ठ नागरिक व...

राष्ट्रीय एकता का सवाल और मणिपुर

31 अक्टूबर को स्वतंत्रता संघर्ष में कांग्रेस के पहली कतार के नेताओं में से एक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई। 2014 में संघ नीति मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही सरकार वल्लभभाई पटेल की जयंती...

मजबूत हाथ में देश और अभेद्य संसद में धुआं धुआं

यह अजीब विडंबना है कि जब देश का प्रधानमंत्री मंच से गरज रहा हो कि देश मजबूत और सुरक्षित हाथों में है। तो ऐसे ही समय में प्रधानमंत्री की स्वप्निल परियोजना 'नई संसद' में दो नौजवान कूद जाते हैं और...

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद लोकतंत्र और कानून के राज का भविष्य

पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में जीत हासिल की है।  ऐसे समय में जब किसी को भाजपा के जीत की उम्मीद नहीं थी। चुनाव पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों को...

फिलिस्तीन इजराइल युद्ध-2: अरबी समाज के नवजागरण का सवाल

फिलिस्तीन के किसानों की जमीन पर इजराइल के लगातार बढ़ते कब्ज़े से 1945 के बाद ही तनाव बढ़ने लगा था। लगभग 450 से ज्यादा बस्तियों में बसे हुए फिलिस्तीनी लोग मूलत: कृषक थे। जिनका जीवन खेती- किसानी और पशुपालन...

फिलिस्तीनियों का क्रूर नरसंहार क्या अरब राष्ट्रवाद के उभार के तीसरे दौर का गवाह बनेगा?

17 दिसंबर 2010 को ट्यूनीशिया में बादशाहियत के तानाशाही तंत्र के उत्पीड़न से परेशान होकर एक फल विक्रेता मोहम्मद बाऊजीजी ने हताशा में आत्महत्या कर ली थी। यह घटना एक छोटे शहर में घटी, जिसकी आबादी 40 हजार के करीब थी।...

फिलिस्तीन इजरायल युद्ध और इस्लामिक देश

विश्व के चार महाद्वीपों मे 57 ऐसे देश हैं जहां इस्लाम के अनुयायी बहुमत में है। इन्हें इस्लामिक कंट्री कहा जाता है। इनके कई संगठन भी है। अरब लीग, (22) ओआईसी (इस्लामी कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन) और ‌ओपेक (तेरह तेल उत्पादक...

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