Wednesday, June 29, 2022

ज़ाहिद खान

अर्जुमंद आरा को अरुंधति रॉय के उपन्यास के उर्दू अनुवाद के लिए साहित्य अकादमी अवार्ड

साहित्य अकादेमी ने अनुवाद पुरस्कार 2021 का ऐलान कर दिया है। राजधानी दिल्ली के रवींद्र भवन में साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में इसके लिए 22 पुस्तकों को अनुमोदित किया...

प्रेम धवन, जिनके गाने आज भी लोगों को देश प्रेम के रंग में डुबो देते हैं

प्रेम धवन की शिनाख़्त एक वतनपरस्त गीतकार की रही है। जिन्होंने अपने गीतों से देशवासियों में वतनपरस्ती का जज़्बा जगाया। एकता और भाईचारे का पैग़ाम दिया। प्रेम धवन, शुरुआत से ही प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ गए थे। पढ़ाई...

जयंती पर विशेष: ब्रिटिश सत्ता के लिए खौफ बन गए थे राम प्रसाद बिस्मिल

देश इस साल आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर कई बड़े आयोजन हो रहे हैं, जिनमें देश की आज़ादी के लिए मर मिटने वालों को याद किया जा रहा है। आज़ादी, हमें...

शायर अख़तर पयामी : क़िस्सा-ए-काकुल-व-रुख़सार लिये आया हूं

अख़तर पयामी इस बर्रे सग़ीर के (हिंद उपमहाद्वीप) बड़े सहाफ़ी, अज़ीम दानिश्वर और अवामी शायर थे। जिनकी पैदाइश तो हिंदुस्तान में हुई, लेकिन वफ़ात पाकिस्तान में। वहीं पूर्वी पाकिस्तान जो कि अब बांग्लादेश है, में उन्होंने बरसों-बरस सहाफ़त की।...

कैफ़ी आज़मी: मुहब्बतों का गीत था बग़ावतों का राग

‘मेरी आवाज़ सुनो’ तरक़्क़ीपसंद तहरीक से वाबस्ता रहे शायर-नग़मा निगार कैफ़ी आज़मी की जीवनी है। जिसमें इस अज़ीम शख़्सियत की ज़िंदगानी और उनके अदब को मर्कज में रखा गया है। यह किताब मूल रूप में मराठी में लिखी गई...

पुण्यतिथि पर विशेष: भारतीय सिनेमा, शरतचंद्र और ऑल टाइम क्लासिक ‘देवदास’

सौ बरस से ज़्यादा उम्र के हिंदी सिनेमा में साहित्यिक कृतियों पर अनेक कामयाब फ़िल्में बनी हैं। कथा सम्राट प्रेमचंद की कृतियों पर ‘गबन’, ‘गोदान’ और ‘शतरंज के ख़िलाड़ी’, विमल मित्र के उपन्यास पर ‘साहिब, बीबी और ग़ुलाम’, फणीश्वरनाथ...

ताकि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण हो

यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए बीते साल के आख़िर में देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फै़सला दिया। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के उस विवादास्पद फै़सले को ख़ारिज...

गेंदालाल दीक्षित की पुण्यतिथि: एक भूला बिसरा क्रांतिकारी और उसके साहसिक कारनामे

देश की आज़ादी कई धाराओं, संगठन और व्यक्तियों की अथक कोशिशों और कुर्बानियों का नतीज़ा है। गुलाम भारत में महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन के अलावा एक क्रांतिकारी धारा भी थी, जिससे जुड़े क्रांतिकारियों को लगता था कि अंग्रेज़...

अफ़स्पा की आड़ में मानवाधिकारों की ऐसी की तैसी

सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ़स्पा) एक बार फिर चर्चा में है। चर्चा की वजह, एक दर्दनाक वाक़या है। नगालैंड में 4 और 5 दिसंबर की दरमियानी रात को सेना की 21 पैरा स्पेशल फोर्स ने आतंकवादी होने के शक...

राजनीति और धर्म का गठबंधन सबसे ज़्यादा ख़तरनाक़: नेहरू

पंडित जवाहर लाल नेहरू का भारतीय इतिहास में अविस्मरणीय योगदान है। परतंत्र भारत में पंडित नेहरू की अहमियत जहां देश को आज़ाद कराने के लिए किए गए उनके अथक प्रयासों के चलते है, तो वहीं स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री...

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास्टोरल सेंटर में भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य सम्मेलन आयोजित हुआ। 28 जून...