Sat. Jan 16th, 2021

ज़ाहिद खान

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‘मकबूल’ अदाकार इरफान खान आज जिंदा होते, तो वे अपना 54वां जन्मदिन मना रहे होते। बीते साल 29 अप्रैल को...

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हिंदुस्तान की आजादी के पहले मुक्ति संग्राम 1857 में यूं तो मुल्क के लाखों लोगों ने हिस्सेदारी की और अपनी...

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हिन्दी साहित्य में कथाकार कमलेश्वर का शुमार उन साहित्यकारों में होता है, जिन्होंने कहानी को नई दिशा प्रदान की। हिन्दी...

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देश की आजादी कई धाराओं, संगठन और व्यक्तियों की अथक कोशिशों और कुर्बानियों का नतीजा है। गुलाम भारत में महात्मा...

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जीवित है तू आज मरा सा, पर मेरी यह अभिलाषाचिता निकट भी पहुंच सकूं अपने पैरों-पैरों चलकरयह पक्तियां दर्शाती हैं...

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वामिक जौनपुरी का शुमार उन शायरों में होता है, जिनकी वाबस्तगी तरक्कीपसंद तहरीक से रही। उन्होंने अपने कलाम से सरमायेदारी...