Wednesday, June 29, 2022

सत्येंद्र रंजन

एक रोशनी जो जुगनू की चमक साबित हुई

यूक्रेन पर रूस की विशेष सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद भारत सरकार ने जो रुख लिया, उससे दुनिया भर के कूटनीतिक विशेषज्ञ चौंके। संयुक्त राष्ट्र में रूस की निंदा के लिए पश्चिमी देशों की तरफ से लाए गए...

अब बेनकाब हो गया है पश्चिम का सॉफ्ट पॉवर भी

विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री माइकल हडसन ने यूक्रेन संकट के बारे में लिखे अपने एक हालिया लेख का शीर्षक दिया है- The American Empire self-destructs यानी अमेरिकी साम्राज्य आत्म-विनाश कर रहा है। हडसन ने ये लेख मुख्य तौर पर यूक्रेन...

तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने!

यूक्रेन के मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो उसे अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम- स्विफ्ट से बाहर कर दिया जाएगा। 24 फरवरी को जब रूस...

पुतिन ने परदा गिरा दिया है

युद्ध समस्या का समाधान नहीं है। इसीलिए कहा जा सकता है कि हमेशा इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही चुना जाना चाहिए। अतः यूक्रेन पर रूस के हमले के सिलसिले में रुख तय करते हुए यही प्रश्न निर्णायक...

दस मार्च को जिन बातों पर नज़र रहेगी

चुनाव अब लोकतंत्र को सुनिश्चित करने का किस हद तक पैमाना रह गए हैं, इस प्रश्न के लगातार अधिकाधिक प्रासंगिक होते जाने के बावजूद सच यही है कि अभी भी बहुसंख्यक लोगों के लिए ये सवाल अभी महत्त्वपूर्ण नहीं...

एक नई विश्व व्यवस्था की आहट

बीजिंग में विंटर (शीतकालीन) ओलंपिक खेलों का आयोजन अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन के लिहाज से एक नए युग की शुरुआत का मौका बन गया। ये बात हर उस पर्यवेक्षक को नजर आई है, जो अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को पश्चिमी चश्मे से नहीं...

यूपी चुनाव में जो दांव पर लगा है

यह कहावत बहुचर्चित है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। यानी अक्सर यह होता है कि जो पार्टी/ गठबंधन उत्तर प्रदेश में विजयी होता है, वही दिल्ली यानी राष्ट्रीय स्तर पर भी राज करता है। हालांकि...

भारत की चीन नीतिः आखिर इस उलझन की जड़ें कहां हैं?

उन्नीस जून 2020 को हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को सुन कर सारा देश सन्न रह गया था कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ‘ना तो कोई भारत के अंदर घुसा है,...

अब सचमुच नव-उदारवाद की कब्रगाह बनेगा चिली?

चिली वामपंथी राष्ट्रपति चुनने वाला इस साल (2021) तीसरा लैटिन अमेरिकी देश बना है। चिली के इतिहास की वजह से गैब्रियाल बोरिच का वहां राष्ट्रपति चुना जाना कुछ अधिक खास है। लैटिन अमेरिका में चिली ही पहला देश था,...

संघर्ष का टेम्पलेट जो किसान आंदोलन ने दिया है

संयुक्त किसान मोर्चा ने 378 दिन के बाद अपने आंदोलन को स्थगित करते हुए कहा कि ‘लड़ाई जीत ली गई है, लेकिन किसानों के हक-खास कर एमएसपी को किसानों के कानूनी अधिकार के रूप में हासिल करने का युद्ध...

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास्टोरल सेंटर में भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य सम्मेलन आयोजित हुआ। 28 जून...