लाइव रिपोर्टिंग के दौरान हमले की शिकार पत्रकार ने मांगी सुरक्षा  : उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से मांगा प्रतिसाद 

बंबई उच्च न्यायालय ने यूट्यूब चैनल पत्रकार स्नेहा बर्वे की पुलिस सुरक्षा मांगने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से प्रतिसाद मांगा है। 

बर्वे पर 4 जुलाई को पुणे के निकट मंचर में लाइव रिपोर्टिंग के दौरान हमला हुआ था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। घटना के समय वह एक अवैध निर्माण के खिलाफ रिपोर्टिंग कर रही थीं। 

याचिका में मामले की जांच पुणे शहर पुलिस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने का भी अनुरोध किया गया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रिपोर्टर को पुलिस सुरक्षा दी गई तो राज्य की नीति के अनुसार भुगतान करना होगा। 

बर्वे के वकील मिहिर देसाई और देवयानी कुलकर्णी ने मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और गौतम आँखड़ की खंडपीठ को बताया कि 4 जुलाई की घटना के बाद से आरोपियों, जो जमानत पर बाहर हैं और उनके सहयोगियों ने तीन मौकों पर जान से मारने की धमकी दी है। श्री देसाई ने कहा कि रिपोर्टर को बुरी तरह पीटा गया था और उनकी जान को खतरा है। 

अदालत के याचिका को लेकर प्रमाण प्रस्तुत करने के बारे में पूछने पर श्री देसाई ने कहा कि याचिककर्ता धमकाए जाने के वीडियो समेत प्रमाण पेश करेगी और दोहराया कि उनकी जान को खतरा है। 

मामले में अगली सुनवाई 29 सितंबर को है।    

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