ज़मीन के बदले नौकरी : लालू यादव और परिवार पर आरोप तय

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित रूप से ज़मीन के बदले नौकरी देने के भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय किए हैं लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत 40 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।

केस की सुनवाई करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप तय होने के बाद ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ़ हो गया है और मामले की अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को की जाएगी।

मामले में आरोप है कि जब लालू यादव 2004 से 2009 तक यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे, तब उन्होंने रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले अपनी परिवार की संपत्ति बढ़ाई। आरोप है कि लोगों से जमीन सस्ते दामों पर या नकद लेन-देन से ली गई और बदले में रेलवे में नौकरियां दी गईं।

विशेष जज विशाल गोगने की अदालत ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 यानी धोखाधड़ी और 120बी यानी आपराधिक साजिश के तहत आरोप लगाए गए हैं।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक़ लालू यादव के करीबी सहयोगियों ने भी इस साजिश में मदद की।

चार्जशीट में कहा गया है कि रेलवे के अधिकारियों की मिलीभगत से देश के अलग-अलग जोनों में नौकरियाँ दी गईं और बदले में पटना सहित अन्य जगहों पर जमीनें परिवार के नाम या उनकी कंपनी के नाम ट्रांसफर की गईं। ज़्यादातर लेन-देन नकद में हुए और जमीनें बाजार भाव से काफी कम दामों पर ली गईं।

अदालत ने लालू यादव और उनके परिवार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले से बरी होने की मांग की थी। जज ने कहा कि बरी करने की मांग बिल्कुल गलत है। कुल 98 जीवित आरोपियों में से 46 के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, जबकि 52 को बरी कर दिया गया है। बरी होने वालों में कई रेलवे अधिकारी शामिल हैं।

इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की अलग जाँच कर रहा है, जो पटना में जमीन ट्रांसफर से जुड़ी है।

मामले की जांच करते हुए सीबीआई  ने भ्रष्टाचार का और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम थे, जिनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी और 52 आरोपी बरी किए जा चुके हैं। बाकी बचे आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं। लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत और अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी, और आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय हुए हैं।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और कानूनी मामलों के जानकार हैं।)

Leave a Reply