मिर्ज़ापुर। भाकपा माले के यूपी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने आरोप लगाया कि मोदी-योगी राज में संवैधानिक अधिकारों को सीमित करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। मोदी राज में मंत्रियों व प्रशासनिक अफसरों की जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित नहीं है।
यादव सोमवार को संयुक्त वामदलों के प्रदेश व्यापी प्रतिवाद आह्वान पर मिर्ज़ापुर कलेक्ट्रेट में सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा नीट पेपर लीक पर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए छात्र-युवा जंतर-मंतर पर एक पखवाड़े से अनशन कर रहे हैं, किंतु सरकार छात्रों से संवाद करने से भाग रही है। 12 साल में 90 बार पेपर लीक हुआ है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना जारी है, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग को लेकर लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरठ में दलित छात्र की हत्या पर न्याय मांगने वाले परिजनों व जनता को वहां के एसएसपी द्वारा अभिरक्षा में खुद ही पीटा जा रहा है। पूरे प्रदेश में अल्पसंख्यकों, दलितों को केंद्र में रख हमले हो रहे हैं। महिलाओं पर हमले बढ़ रहे हैं और अपराधियों का अभिनंदन किया जा रहा है। दलित आदिवासियों की बस्तियों व आबाद जमीनों पर गैर कानूनी बुल्डोजर चलाया जा रहा है।
भाकपा माले नेता ने कहा कि आदिवासी वनवासी समाज के लोगों को वन विभाग द्वारा उजाड़ा जा रहा है जो दशको से बसे हुए हैं, आदिवासियों के पुश्तैनी अधिकार को बहाल किया जाए की मांग करते हुए कहा मोदी सरकार के 14 सालों में कोल, आदिवासी, वनवासी, बियार आदि जातियों को अनुसूचित जनजाति की पहचान व दर्ज़ा नहीं मिला। सदियों से जिन जमीन पर वह बसे हैं, वनाधिकार कानून से वंचित होकर उन्हें बुल्डोजर से तबाह किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मिर्ज़ापुर के ग़रीब विकास व रोजगार से कोसों दूर स्वच्छ पानी व सरकारी इलाज़ को मोहताज हैं। सरकार से सवाल करने वाले, विरोधी विचार वाले विपक्षी नेताओं पर फर्ज़ी मुकदमे कायम कर जेलों में डाला जा रहा है। न्यूनतम मजदूरी व हक की मांग करने वाले नोयडा के मजदूर आंदोलन का बर्बर दमन करते हुए नेताओं को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक प्रतिवाद को रोकने के लिए नेताओं को घरो पर नज़रबंद करना आम नियम बन गया है।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती हुई है संघ परिवार व मोदी मौन होकर गुनहगारों को बचाने में लगे हुए हैं। आम जनता का आह्वान करते हुए वक्ताओं ने कहा कि फासिस्ट भाजपा सरकार को हटाने के जनांदोलन को तेज़ करें।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मिर्ज़ापुर के हलिया, पटेहरा, मड़िहान, संतनगर में मासूम बच्चियों के साथ दुराचार की हो रही घटनाओं में पुलिस कार्रवाई के बजाए पीड़ित को ही फटकार लगा रही है, गाली दे रही है । राजगढ़ में 17 साल की एक अर्धविक्षिप्त किशोरी से रेप की घटना होती है जो 6 माह की गर्भवती हैं, थानेदार कार्रवाई के बजाए गाली देता है। जिले के कुछ थानों पर तैनात थानेदार सरकार बनकर काम कर रहे हैं।
सभा के अंत में मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, उत्तर प्रदेश में संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने, मेरठ के एसएसपी को निलंबित करने, गैर कानूनी बुल्डोजर पर सख्ती से रोक लगाने, यूपी में कोल, गोड़, मुसहर, बियार वनवासी आदि जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर वनाधिकार कानून लागू करने, मिर्ज़ापुर के पठारी क्षेत्र में रोज़गार व स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था करने, दलित व महिला के साथ होने वाली घटनाओं के लिए डीएम और एसपी की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान सभा में जिले के हलिया, मतवार, राजगढ़, मड़िहान, संतनगर, दीपनगर, पटेहरा आदि बड़ी संख्या में आदिवासी दलित समाज के लोग हाथों में लाल झंड़ा लेकर उपस्थित हुए थे। सभा को राज्य सचिव भाकपा माले सुधाकर यादव, जिला सचिव जीरा भारती, जिलाध्यक्ष किसान महासभा ओमप्रकाश सिंह,भोला कोल आदि लोगों ने भी संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के मुद्दों को उठाया।
(संतोष देव गिरी वरिष्ठ पत्रकार हैं।)