महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में छह बार के लोकसभा सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के अलावा विनोद तोमर को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष (प्रॉसीक्यूशन) की ओर से पेश किए गए सबूत बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। बयानों में कई विरोधाभास पाए गए।
अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ताओं और आरोपियों की लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। कार्यवाही बंद कमरे में (इन-कैमरा) हुई।
मई 2024 में सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप तय किए गए। हालांकि, पीड़िता नंबर 6 द्वारा लगाए गए आरोपों से उन्हें बरी (डिस्चार्ज) कर दिया गया। दूसरे आरोपी विनोद तोमर के लिए कोर्ट ने पीड़िता नंबर 1 के संबंध में धारा 506 पार्ट 1 के तहत आरोप तय किए। कोर्ट ने कहा कि बाकी अपराधों के लिए उन्हें बरी कर दिया गया।
इससे पहले, कोर्ट ने मामले में आगे की जांच और आरोप तय करने पर और दलीलें देने की सिंह की अर्जी खारिज की। उन्होंने दावा किया था कि घटना वाली तारीख को वह भारत में नहीं थे।
सिंह इस मामले में जमानत पर बाहर हैं, साथ ही सह-आरोपी विनोद तोमर भी, जो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 109 (उकसाना) भी लगाई गई।
इससे पूर्व एक नाबालिग पहलवान द्वारा सिंह के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई।
बीजेपी सांसद पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यौन उत्पीड़न की कथित घटनाएं 2016 और 2019 के बीच डब्ल्यूएफआई ऑफिस, सिंह के सरकारी आवास और विदेश में हुईं।
कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह ने कहा कि जिस दिन मुझ पर आरोप लगा था, उस समय मैंने कहा था कि अगर आरोप सही साबित होता है तो मैं खुशी-खुशी फांसी की सजा स्वीकार कर लूंगा। आज अदालत ने मुझे बरी कर दिया है। मैंने जो कहा वो सच साबित हुआ। कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया है। ऐसे में मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि जो हो गया, सो हो गया।
इससे पहले पूरे विवाद के चलते उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के 6 बार सांसद रहे बृज भूषण को बीते लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था और पार्टी ने इस सीट से उनके बेटे करण भूषण सिंह को मैदान में उतारा।
18 जनवरी 2023 को पहलवानों ने इस मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था और 20 जनवरी को विनेश फोगाट ने भारतीय ओलंपिक संघ, प्रधानमंत्री कार्यालय, अनुराग ठाकुर और अमित शाह को ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई थी।
(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और क़ानूनी मामलों के जानकार हैं।)