रविंद्र पटवाल

दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा: क्या विज्ञापनों से बेहतर नहीं है ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का यह तरीका?

बस में यात्रियों के चढ़ते ही बस कंडक्टर ने सबसे पहले गुलाबी टिकट निकाल कर आवाज दी,… Read More

अभिजीत बनर्जी अगर भारत में ही रहने का निर्णय लिए होते, तो आज क्या होता ?

कल से ही देश के सभी अंग्रेजी और हिंदी समाचारपत्रों, टीवी न्यूज़ और सबसे अधिक सोशल मीडिया… Read More

‘कैफे कॉफी डे’ मालिक वीजी सिद्धार्थ की खुदकुशी के गहरे हैं निहितार्थ

क्या यह आने वाले तूफ़ान की चेतावनी नहीं है एक कॉर्पोरेट की आत्महत्या? कैफ़े कॉफ़ी डे के… Read More