सुसंस्कृति परिहार

काल के कपाल पर हस्ताक्षर: परसाई को जिंदा बनाये रखने की रचनात्मक पहल

‘काल के कपाल पर हस्ताक्षर’ शीर्षक से प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की उपन्यास शैली में लिखी गयी… Read More

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के चर्चित लड्डू ‘प्रसादम’ में कितना मिलावट और कितनी राजनीति ?

शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी मंदिर के प्रसाद में इतनी चर्बियों की मिलावट हुई… Read More