democracy

पत्रकारिता और सत्ता का संबंध: सवाल नहीं, तो पत्रकारिता कहां?

भारत में लोकतंत्र की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि पत्रकारिता कितनी स्वतंत्र, निर्भीक… Read More

जब अदालतों पर सियासत की उंगली उठे- लोकतंत्र के आईने पर एक सियाह धब्बा

बयान कभी-कभी महज़ अल्फ़ाज़ नहीं होते, बल्कि वो आईना होते हैं, जिसमें किसी शख़्स की नीयत, सियासत… Read More

जेपी की संस्था की स्वर्ण जयंती पर उठा सवाल, क्या भारतीय लोकतंत्र आईसीयू में है और वह अपनी अंतिम सांसें ले रहा है?

नई दिली। आज से करीब 50 साल पहले जयप्रकाश नारायण ने दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में… Read More

‘मिश्राजी प्रकरण’: बनारस की सियासत में घुला ज़हर, जब विरोध करना अपराध और लोकतंत्र चुपचाप सज़ा बन गया !

वाराणसी। बनारस, एक ओर ज्ञान, शांति और सहिष्णुता की नगरी; दूसरी ओर आज की राजनीति में आरोप,… Read More

अँधेरनगरी के लोकतंत्र से राजतंत्र बनने की कहानी

अँधेरनगरी आज अगर एक खुशहाल राज्य है, और अगर यहां के नागरिक अपने रोटी-कपड़ा-मकान-रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी तुच्छ भौतिक… Read More