Thursday, October 28, 2021

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जेल के अंधेरों के लिए भी ज़रूरी हैं रोशनी की चंद किरणें

कई फीट ऊंची दीवारों के पीछे, सूरज की किरणों से भी महरूम कर दिये गये बन्दियों की नज़रें दौड़ती हैं उन शहरों, गलियों और अपने घरों की ओर जिनसे उनका जीवन जुड़ा है। लेकिन शाम होते-होते ये थकी, उदास...
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भाई जी का राष्ट्र निर्माण में रहा सार्थक हस्तक्षेप

आज जब भारत देश गांधी के रास्ते से पूरी तरह भटकता नज़र आ रहा है ऐसे कठिन दौर में...
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