Saturday, April 20, 2024

Mujaffarnagar

बच्चों के अरमानों पर ओले और शोले बरसा रही है धर्म और जाति से खुराक पाती व्यवस्था

कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं, मगर जब उनका वर्तमान ही हर पल खतरे में हो और काम और करियर का दबाव उन पर लगातार बढ़ता रहता हो, तो क्या बच्चों और देश का भविष्य सुरक्षित...

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तब की घोषित इमरजेंसी से भयानक है आज का अघोषित आपातकाल?

18 वीं लोकसभा के लिए चुनावों का पहला चरण हो चुका है; 62 प्रतिशत  से अधिक मतदान के साथ...