Friday, October 22, 2021

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Revolutionary

भारत में ‘अवामी मीडिया’ इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत

भारत में 'अवामी मीडिया' विकसित करने के प्रयास उसकी आज़ादी की लड़ाई के दौरान से ही होते रहे हैं। क्रांतिकारी कामरेड शिव वर्मा (1904-1997) लाहौर कॉन्सपिरेसी केस-2 में शहीद भगत सिंह के साथ सह-अभियुक्त थे। वे उस कथित बोगस...

जब लोहिया की आवाज ने ले लिया था गोवा क्रांति का रूप

यह आज के राजनेताओं, पूंजपीतियों और ब्यूरोक्रेट्स का एक रणनीति के तहत अपनी सुरक्षा के लिए बनाया गया माहौल ही है कि देश का युवा अपना हक मांगने के बजाय मौज-मस्ती का रास्ता अपनाना ज्यादा पसंद कर रहा है।...

जयंतीः उम्र में छोटे भगत सिंह को गुरु बना लिया था उधम सिंह ने

पंजाब की सरजमीं ने यूं तो कई वतनपरस्तों को पैदा किया है, जिनकी जांबाजी के किस्से आज भी मुल्क के चप्पे-चप्पे में दोहराए जाते हैं, पर राम मुहम्मद सिंह आज़ाद उर्फ उधम सिंह की बात ही कुछ और है।...

जयंतीः शहादत के बाद भी अंग्रेज सरकार थर्राती थी गेंदालाल से

देश की आजादी कई धाराओं, संगठन और व्यक्तियों की अथक कोशिशों और कुर्बानियों का नतीजा है। गुलाम भारत में महात्मा गांधी के अंहिसक आंदोलन के अलावा एक क्रांतिकारी धारा भी थी, जिससे जुड़े क्रांतिकारियों को लगता था कि अंग्रेज...

लाला लाजपत राय की पुण्यतिथिः ‘मेरा मज़हब हक़परस्ती, मेरी मिल्लत क़ौमपरस्ती है’

सारे देश में ‘पंजाब केसरी’ के नाम से मशहूर लाला लाजपत राय की पहचान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गरम दल के अहम नेता के तौर पर है। 28 जनवरी, 1865 को फिरोजपुर, पंजाब में जन्मे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख...

वंचितों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे स्वामी अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश जी कई दिनों गंभीर रूप से थे । वे लीवर की समस्या से पीड़ित थे, लीवर का ट्रांसप्लांट होना था, डोनर भी मिले लेकिन समय ने साथ नहीं दिया। शाम को खबर मिली कि वे नहीं रहे...

शहादत सप्ताह: भगत सिंह और अराजकतावाद

भगत सिंह एक निर्भीक क्रांतिकारी होने के साथ-साथ बहुत गंभीर अध्येता भी थे। उन्होंने दुनिया भर की अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और क्रांतिकारी सिद्धांतों का बेहद गहरा अध्ययन किया हुआ था। अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी आंदोलन के इतिहास कि अपने अध्ययन के...

पुण्य तिथिः हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली…

जंग-ए-आज़ादी में निर्णायक मोड़ देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 23 मार्च को 89वीं पुण्यतिथि है। 23 मार्च, 1931 को बरतानिया हुकूमत ने सरकार के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंकने के इल्जाम में उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी।...

फासीवाद को सबसे बड़ा खतरा कला से लगता है

कलाकार (कवि, फिल्म लेखक, संगीतकार, आर्ट एक्टिविस्ट) मयंक मुंबई से दिल्ली तक एनआरसी-सीएए-एनपीआर के खिलाफ़ देशभर में चल रहे जनांदोलन में अपनी कला के जरिए प्रतिरोध को अलग ही मुकाम दे रहे हैं। जनचौक के लिए सुशील मानव से...

झारखंडः पत्थलगड़ी आंदोलन के केस वापस लेने का फैसला क्रांतिकारी कदम

जब देश में केंद्र के साथ ही कई प्रदेशों की सत्ता पर काबिज एनडीए सरकारें आंदोलनकारियों के खिलाफ दमनात्मक नीतियों का इस्तेमाल कर रही हैं, ऐसे में हेमंत सोरेन ने झारखंड का मुख्यमंत्री बनते ही पहली कैबिनेट की बैठक...
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अडानी-भूपेश बघेल की मिलीभगत का एक और नमूना, कानून की धज्जियां उड़ाकर परसा कोल ब्लॉक को दी गई वन स्वीकृति

रायपुर। हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित परसा ओपन कास्ट कोयला खदान परियोजना को दिनांक 21 अक्टूबर, 2021 को केन्द्रीय...
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