Monday, October 25, 2021

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Sasha

जब निरंकुश सत्ताओं के लिए चुनौती बन गए व्यंग्यकार!

मशहूर साहित्यकार हरिशंकर परसाई व्यंग्य के विषय में कहते थे– “व्यंग्य जीवन से साक्षात्कार करता है, जीवन की आलोचना करता है, विसंगतियों, अत्याचारों, मिथ्याचारों और पाखंडों का पर्दाफाश करता है।” लेकिन स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के व्यंग-ट्वीट से सुप्रीम...
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2021 के पहले नौ महीनों में भारत में ईसाइयों पर 305 हमले, केवल 30 प्राथमिकी

भारत में धार्मिक असहिष्णुता का शिकार केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बन रहा है बल्कि ईसाइयों को भी लक्षित...
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