Thursday, December 2, 2021

Add News

Yajurveda

संस्कृतविद मोलवी, गोभक्त मुसलमान और नमाज की मुद्राओं में ऋचाएं पढ़ता एक वैदिकधर्मी युवक!

मेरे पिता को ऋग्वेद पूरा कंठस्थ था। वे अग्नि सूक्त से संज्ञान सूक्त तक धाराप्रवाह सुना सकते थे। यजुर्वेद तो उनके लिए सहज पाठ था। वह भी कंठस्थ, लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उन्हें कुरआन की आयतें...
- Advertisement -spot_img

Latest News

विश्व की शीर्ष 300 सहकारिताओं में इफको टॉप पर

इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) विश्व की शीर्ष 300 सहकारी समितियों में पहले स्थान(टॉप) पर पहुंचने में कामयाब...
- Advertisement -spot_img