रंगरा सामूहिक बलात्कार व हत्याकांड के विरोध में भागलपुर में प्रतिरोध मार्च

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पटना। भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि भागलपुर जिला के नवगछिया अनुमंडल के रंगरा में अतिपिछड़ी समुदाय से आने वाली 39 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार व हत्या की बर्बर घटना में प्रशासन ने घोर लापरवाही बरती है। बिहार की सत्ता हड़पते ही सामंती दबंगों का मनोबल आसमान चढ़कर बोल रहा है। बलात्कारी-अपराधी भाजपा के सामाजिक आधार के लोग हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते कदम उठाया होता, तो वहां लोगों का आक्रोश इस कदर नहीं भड़कता। हमारी पार्टी मांग करती है कि सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी हो तथा मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

19 फरवरी को भागलपुर के पार्टी जिला सचिव कॉमरेड विंदेश्वरी मंडल के नेतृत्व में नवगछिया प्रखंड सचिव रामदेव सिंह, इनौस के राज्य सहसचिव गौरीशंकर राय, ऐपवा की जिला सचिव रेणु देवी, कंचन देवी, मीना देवी सहित 7 सदस्यों की जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा करके मृतक महिला के परिजनों एवं आस-पास के ग्रामीणों से मिलकर पूरे मामलों की जानकारी ली।

जांच टीम की रिपोर्ट

मृतक महिला की उम्र 39 वर्ष है। उनके पति मनोज मंडल टोटो चलाते हैं। वे गरीब परिवार से आते है। उनकी 4 पुत्री हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है। मनीष कुमार (10 वर्ष) एवं अंकित कुमार (8 वर्ष) 2 पुत्र हैं। महिला अत्यंत पिछड़ी समुदाय से गंगोत्री जाति से आती हैं। महिला के पास एक भैंस है। वे प्रत्येक दिन ब्राह्मण टोला में दूध देने जाती थीं।

घटना 16 फरवरी 2024 की सुबह की है। हर दिन की तरह वे दूध देने गईं, लेकिन नहीं लौटी। उनके पति जब टोटो चलाकर घर लौटे तो घर में बहुत देर तक इंतजार किया, लेकिन वे नहीं लौटी। वह फिर टोटो चलाने चले गए यह सोचकर कि कहीं गई होंगी, लौट आएंगी। लेकिन दिन के 2-3 बज गए, वह नहीं आई। तब महिला की चचेरी सास एवं उनके पति ब्राह्मण टोला में कारेलाल ठाकुर के यहां खोजने गए, जिसके यहां महिला दूध देती थी। लेकिन उन दोनों को डांट कर भगा दिया गया। इसके बाद थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया गया, लेकिन रंगरा थाना द्वारा कोई पहल नहीं ली गई। उलटे मृतक के परिजनों को कहा गया कि मंदिर में पूजा करिए, अपने आप आ जाएगी।

17 फरवरी को पुलिस आई। थानेदार को कहा गया कि कारेलाल ठाकुर के यहां जाइए, हमलोगों को शंका हो रही है कि उन्हीं लोगों ने कुछ किया है। लेकिन थानेदार उसके घर नहीं गया। उलटे कहा कि अगर नहीं मिली तो तुम ही लोगों पर मुकदमा हो जाएगा।

मृतक के परिजनों द्वारा खोजबीन जारी रही। आरोपियों ने चुपके से 18 फरवरी की सुबह लाश को कैलू निषाद के बथान पर फेंक दिया। जबकि आरोपी कारेलाल ठाकुर के घर से दूध का कमंडल, डिब्बा और महिला का चप्पल बरामद हुआ। महिला की लाश निर्वस्त्र अस्वथा में थी। हत्या के पहले उनके साथ गैंगरेप किया गया था। सभी आरोपी ब्राह्मण समाज से आते हैं जिनमें एक पंचायत समिति सदस्य है। उनके पिता दारोगा है और खुद सामंती प्रवृति के हैं। घटनास्थल से थाना की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है।

घटना की पोल खुलते ही लोग आक्रोशित हो उठे। आक्रोशित भीड़ पर पुलिस ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाई। 5 आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ये नाम हैं-कारेलाल ठाकुर, सौरभ ठाकुर, राजा ठाकुर, सुमन ठाकुर एवम जिम्मी उर्फ प्रदीप ठाकुर।

मृतक के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा दाह संस्कार के लिए कोई भी राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पार्टी द्वारा आज 20 फरवरी को इस बर्बर घटना के खिलाफ भागलपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)

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