अहमदाबाद: गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को आवेदन पत्र सौंपने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि देश और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से एक तरफ वोट चोरी हो रही है, तो दूसरी तरफ एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
अमित चावड़ा ने कहा कि गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होते ही बीएलओ, पूरा निर्वाचन तंत्र और सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई। जिस तरह मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया गया, उसमें पहले ही 70 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कम हो चुके थे। ड्राफ्ट सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने और नए नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 18 जनवरी तय की गई थी। लेकिन 15 जनवरी तक फॉर्म नंबर 7 नगण्य संख्या में जमा हुए थे, जबकि 16, 17 और 18 जनवरी को रातोंरात लाखों की संख्या में फॉर्म भरे गए। यह पूरी प्रक्रिया संगठित और सुनियोजित तरीके से की गई।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने 17 जनवरी को लिखित रूप से निर्वाचन आयोग को सूचित किया था कि भाजपा के कमलम कार्यालयों में सॉफ्टवेयर के जरिए प्रिंट किए गए फॉर्म तैयार किए गए और भाजपा नेता ठेलों में भरकर थोक में फॉर्म जमा करा रहे थे। इसके बावजूद आयोग ने अंतिम तिथि 18 जनवरी से बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी। 18 और 19 जनवरी को कांग्रेस ने प्रतिनिधिमंडल भेजकर पुनः शिकायत दर्ज कराई।
अमित चावड़ा ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले और तालुका स्तर पर शिकायतें दी गई हैं। सैकड़ों लोगों ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं कि फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं, उनके नाम और एपिक कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। कच्छ जैसे क्षेत्रों में बीएलओ की रिपोर्ट में सामने आया है कि अधिकांश आपत्तिकर्ताओं के एपिक नंबर, मोबाइल नंबर और नाम गलत हैं। कुछ मामलों में विदेश में रहने वाले व्यक्तियों के नाम से भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ गुजरात की अस्मिता के प्रतीक पद्मश्री पुरस्कार विजेता शाहबुद्दीन राठोड़ को सम्मानित करती है और दूसरी तरफ भाजपा के लोग उनका नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म नंबर 7 भरते हैं। इसी तरह पद्मश्री के लिए नामांकित और गुजरात का गौरव माने जाने वाले श्री हाजी रमकड़ां के नाम पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई, जो गुजरात की अस्मिता का अपमान है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर मुख्य निर्वाचन अधिकारी दावा करते हैं कि आयोग को साढ़े बारह लाख से अधिक फॉर्म नंबर 7 प्राप्त हुए हैं, जबकि दूसरी ओर अधिकारी कहते हैं कि अब तक केवल करीब डेढ़ लाख फॉर्म की ही एंट्री की गई है। इसका सीधा अर्थ है कि दस लाख से अधिक फॉर्म फर्जी हैं, जिसे निर्वाचन आयोग स्वयं स्वीकार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि ऐसे फर्जी फॉर्म भरने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अमित चावड़ा ने कहा कि निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम करते हुए गुजरात के लोगों के मताधिकार की रक्षा करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से हाथ खींच रहा है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि एक भी वास्तविक मतदाता का अधिकार छीना नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी और सड़क पर उतरकर जन आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून के प्रावधानों के अनुसार काम नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
(कलीम सिद्दीकी वरिष्ठ पत्रकार हैं।)