पेपर लीक के खिलाफ ईको गार्डेन प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं को नज़रबंद करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला : भाकपा (माले)

लखनऊ। भाकपा (माले) ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार, 12 जून को ईको गार्डेन, लखनऊ में प्रस्तावित छात्र-युवा प्रदर्शन से पहले आइसा एवं पार्टी के युवा नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने, उनके परिजनों को प्रताड़ित किए जाने तथा विभिन्न स्थानों पर पुलिसिया दबाव और गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की है। इस प्रदर्शन में डिजिटल व्यंग्य मंच ‘कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)’ के संस्थापक अभिजीत दीपके के भी शामिल होने की सूचना है।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के बढ़ते आक्रोश और बेरोजगारी, पेपर लीक तथा शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ उठ रही जनआवाज़ से भयभीत है। यही कारण है कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही आइसा और माले के कई युवा नेताओं को नजरबंद किया गया, उनके घरों पर छापेमारी की गई और उनके परिजनों तक को पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार दमन और डर के सहारे युवाओं की आवाज़ को कुचलना चाहती है। यह प्रयास कभी सफल नहीं होगा। भाकपा (माले) युवाओं के संघर्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाएगी।

राज्य सचिव ने बताया कि आइसा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पार्टी राज्य कमेटी सदस्य मनीष की तलाश में पुलिस बीती रात से लगातार दबिश दे रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उनके घर पर दबाव बनाते हुए उनके पिता को उठाकर थाने में बैठा दिया। इसी प्रकार रायबरेली में भाकपा (माले) के जिला सचिव एवं युवा नेता हनोमान अंबेडकर के आवास पर रात लगभग 1:30 बजे पुलिस पहुंची और उन्हें साथियों के साथ लखनऊ जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट कर दिया। प्रदेश के अन्य जिलों से भी गिरफ्तारियों और पुलिसिया कार्रवाई की सूचनाएँ प्राप्त हो रही हैं।

सुधाकर यादव ने कहा कि हाउस अरेस्ट, छापेमारी और गिरफ्तारियों से न तो युवा डरे हैं और न ही डरेंगे। सरकार को दमनकारी रवैया छोड़कर युवाओं की जायज़ मांगों पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ लगातार हो रहा खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को दूर कर पारदर्शी तथा जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)

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