Friday, October 22, 2021

Add News

मृणालिनी झा

लैंगिक समानता एक मिथक है!

हम सभी पुरुष प्रधान/पितृसत्तात्मक समाज में रहते हैं, जहां अभी भी एक महिला को अपने मूल अधिकारों के लिए लड़ना पड़ता है और अगर वह अपनी आवाज उठाने की हिम्मत करती है, तो उसे या तो अपने परिवार या समाज द्वारा...

About Me

1 POSTS
0 COMMENTS

Latest News

जींद में दलितों का बहिष्कार नहीं, लोकतंत्र का क़त्ल हो रहा है: फैक्ट फाइंडिंग टीम

(दिल्ली की केंद्रीय सत्ता की नाक के नीचे समाज के सबसे उत्पीड़ित और वंचित तबके का महीनों से सामाजिक...