Friday, December 9, 2022

नीतिशा खल्खो

कुछ सवाल आदिवासियों और उनके संगठनों से भी?

7 सितंबर 2021 को आहूत आदिवासी संगठनों के मानव श्रृंखला का एजेंडा: 1.CNT एक्ट के तहत आने वाली थाना क्षेत्र की बाध्यता खत्म हो। 2. जाति प्रमाण पत्र के निर्गत में होने वाली विसंगतियों का सरलीकरण हो। 3. आदिवासी महिला के दिक्कू...

आदिवासी सरना समाज अनजाने में हिन्दू गिरफ्त में तो नहीं आ जा रहा?

झारखंड की राजधानी में आदिवासियों के हृदयस्थल करमटोली चौक स्थित केंद्रीय धुमकुड़िया में आज भवन निर्माण कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। बड़े-बड़े सुंदर चेहरों के साथ पूरा पोस्टर, नेता, कार्यकर्ता के फोटोज आये हुए हैं। बहुत खुशी की बात...

प्रतिभाओं के लिए ग्रहण बन गया है शिक्षा नियुक्ति में प्रतिशत का पैमाना

बातें थर्ड divisioner की। देश में महात्मा गांधी से लेकर कई ऐसे लोग हुए जिनको अपने जीवन में थर्ड डिग्री से संतोष करना पड़ा। क्योंकि स्केलिंग उस समय वही थी, टॉपर को 50, 55 और 60 के आस पास प्रतिशत आया...

क्या आदिवासी समाज में भी आ गयी है खापों की बीमारी?

मुंडा आदिवासी समुदाय में भी अन्य आदिवासी समाज की तरह एक ही किलि में शादी करना निषेध है।  लेकिन अगर ऐसा हो जाता रहा  है तो किलि को कुछ नेग द्वारा ऊपर नीचे करके एक सहजता के साथ शादी को...

आदिवासी यथार्थ कथा: 58 वर्षीय मां को इंटरव्यू बोर्ड के सामने भेजकर फूट पड़ी एक बेटी की पीड़ा

2021 की आज की तारीख (18 जनवरी 2021) में एक घटना घट रही है। आदिवासी विमर्श के पैरोकारों, हाशिये के समाज के लिए आंदोलनरत लोगों, बहुजन की परिकल्पना को लेकर बढ़ने वाले लोगों, वामपंथी कहलाने वाले लोगों और मूलनिवासी...

भौतिकवाद से दूर आदिवासी साहित्य में जीवन सौंदर्य

प्रख्यात विद्वान और 22 भारतीय भाषाओं की लोक-कथाओं का संकलन और संपादन करने वाले एके रामानुजन ने लोक साहित्य को कुछ यूं व्याखायित किया है: “लोक साहित्य भारतीय पिरामिड का वह आधार है जिस पर शेष समस्त भारतीय साहित्य...

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