नई दिल्ली। मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (MASA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज Employees’ Provident Fund Organisation, मुख्यालय, किदवई नगर, नई दिल्ली में लॉन्गव्यू टी गार्डन (कर्सियांग, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) के श्रमिकों की ओर से केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया है कि लॉन्गव्यू टी गार्डन के लगभग 1,200 श्रमिकों एवं कर्मचारियों के वेतन से वर्षों से भविष्य निधि (PF) की नियमित कटौती की जाती रही है, लेकिन वर्ष 2014 से अब तक बड़ी मात्रा में यह राशि EPFO में जमा नहीं कराई गई। इससे बकाया PF देनदारी ₹9.88 करोड़ से अधिक हो चुकी है और यह लगातार बढ़ रही है।
MASA ने कहा कि इस गंभीर लापरवाही और कानून के उल्लंघन के कारण अनेक श्रमिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका वैधानिक PF, पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। कई सेवानिवृत्त श्रमिक आज भी अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई से वंचित हैं, जबकि अनेक श्रमिक अपने अधिकार प्राप्त किए बिना ही दुनिया से विदा हो चुके हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 76 सेवानिवृत्त श्रमिकों को अब तक उनकी वैधानिक ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त बागान प्रबंधन पर वेतन, एरियर तथा अन्य वैधानिक देयों का भी करोड़ों रुपये का बकाया है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है।

MASA के प्रतिनिधियों ने EPFO मुख्यालय, किदवई नगर , नई दिल्ली में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने EPFO, कमिश्नर की ओर से अधिकारी शैलेन्द्र जी से मांग की है कि दोषी प्रबंधन के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, बकाया PF राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए, आवश्यक होने पर प्रबंधन की संपत्तियों के विरुद्ध वैधानिक वसूली की कार्रवाई की जाए तथा लॉन्गव्यू टी गार्डन में विशेष EPFO शिविर आयोजित कर श्रमिकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित PF, पेंशन और अन्य दावों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
MASA ने कहा कि भविष्य निधि, पेंशन और ग्रेच्युटी किसी प्रकार की दया या अनुग्रह नहीं, बल्कि श्रमिकों के वैधानिक और संवैधानिक अधिकार हैं। इन अधिकारों से श्रमिकों को वर्षों तक वंचित रखना सामाजिक न्याय, श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा की मूल भावना के विरुद्ध है।
संगठन ने आशा व्यक्त की कि EPFO इस गंभीर मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करेगा तथा दोषी प्रबंधन के विरुद्ध कानून का कठोर पालन सुनिश्चित करते हुए श्रमिकों को न्याय दिलाएगा। यदि उचित समय के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो MASA देशभर के लोकतांत्रिक एवं ट्रेड यूनियन संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जन अभियान चलाने पर करेगा।
ज्ञापन के दौरान मासा घटक संगठन से श्यामबीर (IMK), लक्ष्यदीप (GMUB), अमित (CSTU), विक्रम प्रताप (MSS), पाल सिंह (JSMH), अनिरुद्ध (BNASU), विदुषी (IFTU-S) मौजूद रहे।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)