बिहार सरकार ने नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान राज्य में हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों पर कोई कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है।
विशेष सचिव (गृह) क्षत्रनील सिंह के जारी बयान के अनुसार 26 जुलाई की शाम छह बजे से पहले बिहार राज्य के किसी भी हिस्से में विरोध प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सरकार कोई भी दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी।
बयान में यह भी कहा गया है 26 जुलाई की शाम छह बजे से पहले व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद या कारण बताओ नोटिस को वापस लेने के लिए विधिक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी।
प्रेस बयान के अनुसार 26 जुलाई छह बजे से पहले के पूर्व दर्ज सभी कांडों में गिरफ्तार एवं निरोधित सभी व्यक्तियों को जल्द रिहा किया जाएगा और इन कांडों में कोई भी प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नामित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद चलो मार्च पर बर्बर पुलिसिया कार्रवाई के बाद देश भर में प्रदर्शन हुए थे और बिहार में भी प्रदर्शन हुए थे।
यहां भी पुलिस ने दमनात्मक कार्रवाई की और फायरिंग से लेकर बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया या गिरफ्तार किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ कॉकरोच जनता पार्टी ने जब लगभग सवा महीने से चल रहा आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की तो शर्तों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और दर्ज सभी मामले वापस लेना भी शामिल था।

(जनचौक ब्यूरो)