असरार उल हक ‘मजाज़’ उर्दू साहित्य के उन महत्वपूर्ण शायरों में से एक हैं, जिनकी नज़्मों में… Read More
परचम
एक कैफ़ियत होती है प्यार। आगे बढ़कर मुहब्बत बनती है। ला-हद होकर इश्क़ हो जाती है। फिर… Read More