Saturday, July 2, 2022

allahabad

करीब 93 साल बाद फिर निकला ‘स्त्री दर्पण’ 

नई दिल्ली। कल का दिन हिंदी पत्रकारिता के लिए विशेषकर स्त्री पत्रकारिता के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक दिन था क्योंकि 93 साल बाद नई "स्त्री दर्पण" पत्रिका को शुरू किया गया। 1909 से लेकर 1929 तक 20 सालों तक इलाहाबाद...

कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर मकानों को ध्वस्त न करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि वह कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही बुलडोजर की कार्रवाई को अंजाम दे। उच्चतम न्यायालय राज्य को यह बताने के लिए तीन दिन का समय दिया है कि...

लोगों की पहुंच से बाहर क्यों हो गए आम?

प्रयागराज। मई बीत गया है। कल एक रिश्तेदार आये। मिठाई की जगह एक किलो आम ले आये। तो उनकी बदौलत इस सीजन में पहली बार आम खाने को मिला। ये कथन है निम्न-मध्यमवर्गीय समाज से ताल्लुक़ रखने वाले एक...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने द वायर और सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ दर्ज केस रद्द किया

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने द वायर, इसके संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और रिपोर्टर इस्मत आरा के खिलाफ पिछले साल 26 जनवरी, 2021 को नई दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे एक प्रदर्शनकारी की मौत की रिपोर्ट...

ग्राउंड रिपोर्ट: इलाहाबाद बन गया है छात्रों के लिए मृत्यु की उपत्यका घाटी

प्रयागराज। कभी इलाहाबाद आईएएस-पीसीएस की फैक्ट्री के तौर पर जाना जाता था। लेकिन आए दिन होने वाली छात्रों की खुदकुशियों ने इसकी पहचान बदल दी है। अब इसे 'मौत के कुएं' के तौर पर जाना जाता है। अखबारों में...

इलाहाबाद: रोजी का आखिरी सहारा भी छिना

फूलपुर से घंटे भर के सफ़र के बाद बस से इलाहाबाद चुंगी पर उतरा ही था कि बैटरी रिक्शा वाले ‘कचेहरी कचेहरी’ चिल्लाते दिखाई पड़े। मेरा मन सन्न रह गया। ये क्या हो गया। चुंगी से कचहरी की सड़क...

“भूख से भी बड़ी कोई महामारी होती है क्या बाबूजी?”

अब कहां? अब कहां? अब कहां? यह सवाल संगम की ओर जाते हर रास्ते पर चादर बिछाये थाल कटोरा लिये बैठे हजारों महिलाओं-पुरुषों की आंखों में गहरी उदासी के साथ बैठा है। दो महीने पहले गंगा किनारे लगा मेला...

प्रयागराज: छुट्टा सांड़ और पुलिस ने डुबा रखी है योगी की लुटिया  

प्रयागराज (इलाहाबाद)। जिले की फूलपुर विधानसभा में बाबूगंज बाज़ार के पीछे एक डेरा है- मुसहरा का डेरा। प्रयागराज की चुनावी रिपोर्टिंग के लिये हम इसे डेरे में पहुंचे। दोनों तरफ खेतों के बीच एक छोटे से चकरोट से होकर...

‘जीते जी इलाहाबाद’: जहां जमुना के छलिया जल जैसे सत्य से आँखें दो-चार होती हैं!

दो दिन पहले ही ममता कालिया जी की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ प्राप्त हुई, और पूरी किताब लगभग एक साँस में पढ़ गया । इलाहाबाद का 370, रानी मंडी का मकान। नीचे प्रेस और ऊपर रवीन्द्र कालिया-ममता कालिया का घर;...

शंकरगढ़ ग्राउंड जीरो से: पानी की किल्लत के चलते लोग कर रहे हैं पलायन

शंकरगढ़ (प्रयागराज)। कभी देश को दिशा देने वाले इलाहाबाद यानि प्रयागराज की मौजूदा तस्वीर बेहद परेशान करने वाली है। उसके एक इलाके शंकरगढ़ में एक पूरे समुदाय को गुजारे के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। पेट के अन्न...
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कितना कारगर हो पाएगा प्लास्टिक पर प्रतिबंध

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध एक जुलाई से लागू हो गया। प्लास्टिक प्रदूषण का बड़ा स्रोत है और...
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