क्या हम एक भयभीत भारत में रह रहे हैं? शायद हां, शायद ना! जब हम सरकार, शासक… Read More
अरुण कुमार त्रिपाठी
भारतीय लोकतंत्र एक सर्कस हो गया है। कोई सिर के बल खड़ा है तो कोई उल्टे पांव… Read More
यह गांधी की आत्मकथा यानी ‘सत्य के मेरे प्रयोग’ का शताब्दी वर्ष है। हालांकि गांधी की आत्मकथा… Read More
गांधी विचार के विरोधियों ने जिस तरह से गांधी के शरीर की हत्या की थी उसी तरह… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76 वें जन्मदिन पर स्वाभाविक तौर पर भारतीय जनता पार्टी और उनकी सरकारों… Read More
उत्तर भारत की राजनीति ने वहां के समाज को त्रिशंकु की तरह अधर में लटका दिया है।… Read More
अपने मित्र लेखक पत्रकार और मीडिया आलोचक दयाशंकर मिश्र की किताब ‘अख़लाक’ का हम श्लेष अलंकार में… Read More
नक्सली दिमागदार होते हैं यह धारणा पुलिसिया सोच से उत्पन्न हुई है। इसलिए प्रधानमंत्री जब इस साल… Read More
जब राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय स्तर पर विवाद उठ खड़ा… Read More
भारत के 80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश और दुनिया को संबोधित… Read More