अरुण कुमार त्रिपाठी

पुस्तक समीक्षा: समतावादी आंदोलनों को नई ऊर्जा देने की कोशिश

हमारी सभ्यता अपनी कालगणना में जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का विमर्श… Read More

पुस्तक समीक्षा: नीला कॉर्नफ्लावर; एक विद्रोही रचना की आग

आदिवासी मामलों के विशेषज्ञ और अनुसूचित जाति और जनजाति आयुक्त रहे डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा बस्तर के आदिवासियों… Read More

लोकतंत्रः जाति के लिए, जाति के द्वारा और जाति का

अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने उन्नीसवीं सदी में लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए कहा था, “लोकतंत्र का… Read More

दो हजार साल पुराने जनतंत्र की डालें और पत्तियां सूख क्यों रही हैं?

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जुलाई 2023 को जिस समय एअर इंडिया वन के विमान से… Read More