Wednesday, June 29, 2022

Ashish Mishra

लखीमपुर खीरी: लवप्रीत के लिए कुछ आँखें आज भी हर शाम इंतजार करती हैं

“जैसे हम अपने बेटे के लिए तरस रहे हैं, कभी उसके बच्चे भी अपने बाप के लिए तरसेंगे” यह कहना है तीन अक्टूबर को लखीमपुर की घटना में शहीद हुए लवप्रीत की मां का। एक कुर्सी पर बैठी लवप्रीत की...
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