Tuesday, October 19, 2021

Add News

August 5

बचा-खुचा लंगड़ा लोकतंत्र भी हो गया दफ्न!

आह, अंततः लोकतंत्र बेचारा चल बसा। लगभग सत्तर साल पहले पैदा हुआ था, बल्कि पैदा भी क्या हुआ था। जैसे-तैसे, खींच-खांच कर बाहर निकाला गया था। अविकसित, अपूर्ण, रुग्ण। उम्मीद थी कि एक बार जैसे-तैसे बाहर आ जाएगा और...
- Advertisement -spot_img

Latest News

लोग कोरोना से मर रहे थे और मोदी सरकार के मंत्री संपत्ति ख़रीद रहे थे

कोरोनाकाल के पहले चरण की शुरुआत अप्रैल 2020 से शुरु होती है। जबकि कोरोना के दूसरे चरण अप्रैल 2021...
- Advertisement -spot_img