32.1 C
Delhi
Tuesday, September 28, 2021

Add News

diary

नॉर्थ ईस्ट डायरी: असम में दो से ज्यादा बच्चे हुए तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं

असम में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि असम सरकार राज्य की योजनाओं में लाभ लेने के लिए चरणबद्ध...

नॉर्थ ईस्ट डायरी:त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका

तीन साल पहले भाजपा ने उत्तर-पूर्व के छोटे राज्य त्रिपुरा में वाम दलों को उखाड़ फेंकने और कांग्रेस को अप्रासंगिक बनाने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन अब इतने कम समय में ही भगवा लहर को बड़ा झटका लगा...

डॉ. सुनीलम, एक आंदोलनकारी की डायरी

मेरे लिए 2020 का वर्ष सिखाने वाला और ज्ञानवर्धक रहा। यह वर्ष जन आंदोलनों के नाम रहा। इस वर्ष की शुरुआत नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ संघर्ष से हुई तथा अनिश्चितकालीन किसान आंदोलन के साथ 2020 खत्म हो गया। पिछले...

नॉर्थ-ईस्ट डायरीः केंद्र की मंजूरी के बिना ही मेघालय सरकार लागू करेगी वर्चुअल आईएलपी व्यवस्था

मेघालय में जन संगठन लंबे समय से इनर लाइन परमिट (आईएलपी) व्यवस्था लागू करने के लिए आंदोलन करते रहे हैं। अब तक केंद्र की मोदी सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी है। इन संगठनों ने विलंब होने पर आंदोलन...

नॉर्थ ईस्ट डायरी: उत्तर-पूर्व के भाजपा शासित राज्यों के सिर पर भी सवार हो रहा है लव जिहाद का भूत

आरएसएस और भाजपा को लगता है कि मुस्लिम विद्वेष और नफरत की राजनीति को जितना प्रोत्साहित किया जाएगा कूढ़मगज हिन्दू मतदाताओं को गुलाम बनाकर रखना उतना ही आसान होगा और नफरत के खेल को जारी रखते हुए इस देश...

पुस्तक समीक्षा: झूठ की ज़ुबान पर बैठे दमनकारी तंत्र की अंतर्कथा

“मैं यहां महज़ कहानी पढ़ने नहीं आया था। इस शहर ने एक बेहतरीन कलाकार और प्रतिभाशाली रचनाकार को निगल लिया था। उसकी डायरी एक उत्कृष्ट नमूना थी। इस बात की गवाही थी कि वो नायक था। लेकिन उसके होने...

कोरोना काल डायरी: बदलती ज़िंदगी की गवाहियां

जब से लॉकडाउन हुआ है तबसे ज़िंदगी मानो बदल-सी गई है। पहले सुबह जल्दी उठने की सुगबुगाहट होती थी, बेटे को यूनिवर्सिटी भेजना होता था, वो 8 बजे चला जाता है। आजकल के बच्चे आप जानते ही हैं, जल्दी...
- Advertisement -spot_img

Latest News

अक्षरधाम हमला फालोअप: निर्दोषों ने बिताए 11 साल जेल में, असली अपराधी अभी भी चंगुल से बाहर

गांधीनगर के प्रतिष्ठित अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले की आज 20वीं बरसी है। इस हमले से न सिर्फ गुजरात...
- Advertisement -spot_img

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.