Friday, July 1, 2022

Mukul Rohatgi

देश में असहमति के प्रति बढ़ती असहनशीलता लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा

न सिर्फ देश का सर्वोच्च न्यायालय,अनेक उच्च न्यायालय,अनेक समाचार पत्र,संविधान एवं न्यायिक क्षेत्र के  अनेक विशेषज्ञ, यहां तक कि दुनिया के विभिन्न देशों की मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्ध संस्थाएं यह मानती हैं कि भारत में...

अदालत की अवमानना की गाईडलाइंस क्यों नहीं बनाती सुप्रीम कोर्ट!

आजकल न्यायपालिका के फैसलों और न्यायाधीशों की कड़ी आलोचना सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर हो रही है। इनमें सामान्य जन के साथ विशिष्ट जन भी शामिल हैं। किसी को अनदेखा कर दिया जा रहा है तो किसी पर...

न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के फैसले से हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट को लेनी चाहिए प्रेरणाः मुकुल रोहतगी

दिल्ली की एक अदालत द्वारा दिशा रवि को जमानत मामले में दिए गए 18 पन्नों के फैसले से जलजला आ गया है। अभी तक उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले नज़ीर बनते रहे हैं और अधीनस्थ न्यायालय पर...

‘वकील और जज आएंगे-जाएंगे लेकिन बेंच और बार के बीच सौहार्द बना रहना चाहिए’

उच्चतम न्यायालय में आये दिन अवमानना की धौंस देकर वरिष्ठ वकीलों को चुप कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर वरिष्ठ वकीलों को पहल करनी पड़ी। ताजा मामला न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा द्वारा भूमि अधिग्रहण मामलों की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता...
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ग्राउंड रिपोर्ट : नाम, नमक और निशान पाने के लिए तप रहे बनारसी नौजवानों के उम्मीदों पर अग्निवीर स्कीम ने फेरा पानी 

वाराणसी। यूपी और बिहार में आज भी किसान और मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे किशोरावस्था में कदम रखते ही...
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